रायपुर। राजधानी के कबीर नगर थाना क्षेत्र के अटारी गांव में चिकन खाने के विवाद में कलयुगी बेटे ने अपने पिता के सिर पर पटिया से वार कर उसे मौत घाट उतार दिया। वारदात को छिपाते हुए परिजनों ने मृतक का दाह संस्कार भी कर दिया, लेकिन बड़े बेटे ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने अस्पताल से पूरी रिपोर्ट लेकर मामले में हत्या का केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। घटना तीन जुलाई की रात की है।


कबीर नगर पुलिस के मुताबिक ग्राम अटारी निवासी मनीष निषाद (22) को चिकन पसंद नहीं थाा। तीन जुलाई की रात 9.30 बजे वह खाना खाने के लिए पिता नंदकुमार निषाद (45) के साथ बैठा था। नंदकुमार बड़े चाव से चिकन खा रहा है, यह देख मनीष नाराज हो गया। नंदकुमार की पत्नी अपने बेटे मनीष के लिए पड़ोसी के घर दाल लेने चली गई। इसी बीच पिता पुत्र के बीच चिकन खाने को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि मनीष ने आंगन में पड़े लकड़ी का पटिया उठाकर नंदकुमार के सिर पर ताबड़तोड़ तीन-चार वार कर दिया।


नंदकुमार लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। मनीष की बहन ने तुरंत अपने बड़े और मंझले भाई को बुला लिया। मंझला भाई मिथलेश ने मनीष को पकड़कर रखा था, लेकिन वह अपने भाई की पकड़ से किसी तरह छूटकर भाग निकला। परिवार वालों ने रात में एंबुलेंस बुलाकर नंदकुमार को अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन नंदकुमार को शंकर नगर स्थित एक निजी अस्पताल ले गए।


इलाज में लाखों का खर्च बताने पर घर ले जाते रास्ते में मौत


मरीज की गंभीर स्थिति को देखते डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने की बात कहते हुए लाखों का खर्च बताया तो आर्थिक रूप से कमजोर होने की वजह से परिजन इलाज का खर्च नहीं उठा पाए और दूसरे दिन शाम को नंदकुमार को अस्पताल से वापस घर ले जा रहे थे तभी रास्ते में नंदकुमार ने दम तोड़ दिया।


हादसे में मौत होना बताकर किया था दाह संस्कार


हत्या की बात को छिपाते हुए परिजनों ने उसी दिन आनन-फानन में नंदकुमार का दाह संस्कार कर दिया। गांव में एक्सीडेंट से मौत होने की बात फैला दी, लेकिन जब संदिग्ध मौत को लेकर ग्रामीणों के बीच चर्चा होने लगी तब मनीष के भाई मिथलेश निषाद (28) ने शुक्रवार शाम को थाना पहुंचकर पुलिस को घटनाक्रम की जानकारी दी और अपने भाई मनीष के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल से नंदकुमार के इलाज की पूरी रिपोर्ट हासिल कर मनीष को गिरफ्तार कर लिया। मनीष अपने भाई के साथ रूंगटा कॉलेज में मजदूरी करता था। बताया जा रहा है कि वह दिमागी रूप से कमजोर है।