जाने-माने सिंगर कैलाश खेर का जन्म 7 जुलाई 1973 को हुआ था। आज वो अपना 46 वां जन्मदिन मना रहे हैं। प्लेबैक सिंगिंग से लेकर अपने म्यूजिक कॉन्सर्ट में कैलाश खेर ने काफी शोहरत कमाई है। लेकिन उन्हें यहां तक पहुंचने के लिए काफी लंबा संघर्ष भी करना पड़ा है। ये सफलता उन्हें यूं ही नहीं मिली है। कैलाश खेर की जिंदगी में एक टाइम ऐसा भी था कि वो डिप्रेशन में आ गए थे और उन्होंने अपनी जान लेने की कोशिश कर ली थी। कैलाश सिंगर बनने से पहले दिल्ली में एक्सपोर्ट का काम किया करते थे। 14 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था। इस दौरान वो ज्योतिष और कर्मकांड सीखने के लिए ऋषिकेश चले गए और फिर खुद का बिजनेस शुरू किया। 


इस सब कामों में जब कैलाश खेर को सफलता नहीं मिली तो वो डिप्रेशन में आ गए। और ये डिप्रेशन इतना बढ़ गया कि उन्होंने एक दिन नदी में छलांग तक लगा दी थी। लेकिन उनके दोस्तों ने उन्हें डूबने से बचा लिया। कैलाश खेर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि बिजनेस में भारी नुकसान और सपनों के शहर जाने के बाद संयोग से गायक बन गए। उन्होंने बताया कि आज उन्हें जो कुछ भी मिला है उसमें मुंबई में रह रहे उनके एक दोस्त और भगवान ने मदद की है। मेरा गाना 'अल्लाह के बंदे... ' हिट होने के बाद मेरी लाइफ में बहुत कुछ बदल गया। कैलाश खेर ने 4 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था। 


घर छोड़कर आ जाने के बाद आर्थिक तंगी से गुजर रहे कैलाश खेर ने बच्चों को संगीत का ट्यूशन देना शुरू कर दिया। हर बच्चे से वो 150 रुपये फीस लेते थे और इसी से अपना खर्चा चलाते थे। साल 2001 में कैलाश मुंबई आ गए और वहां गुजारा करने लगे। लेकिन हालात ऐसे खराब थे कि स्टूडियो जाने तक के लिए उनके पास पैसे नहीं होते थे। लेकिन उनके अंधेरे जीवन में उजाला म्यूजिक डायरेक्टर राम सम्पत से मिलने के बाद आया। उन्होंने कैलाश को एड जिंगल्स गाने का मौका दिया। कैलाश ने पेप्सी से लेकर कोका कोला जैसे बड़े ब्रान्ड्स के लिए जिंगल्स गाए।