सीबीआई ने वडोदरा के डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (डीपीआईएल) द्वारा 2,654 करोड़ रुपये के कथित कर्ज धोखाधड़ी मामले में बैंक ऑफ इंडिया के दो सेवानिवृत्त अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। पूर्व जीएम वीवी अग्निहोत्री और पूर्व डीजीएम पीके श्रीवास्तव पर कर्ज सीमा प्रदान करने में कथित रूप से कंपनी का पक्ष लेने का आरोप है।

सीबीआई ने बताया कि दोनों को शनिवार को अहमदाबाद में विशेष अदालत के समक्ष उन्हें पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि कंपनी के प्रवर्तकों को इस साल अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी ने प्राथमिकी में कहा था कि बिजली के तार और उपकरण बनाने वाली डीपीआईएल के प्रवर्तक सुरेश नारायण भटनागर और उनके दो बेटे अमित और सुमित हैं जो कि कंपनी के निदेशक भी हैं। कर्ज को 2016-17 में गैर निष्पादित संपत्ति घोषित कर दी गई। एजेंसी ने कहा था कि आरोप है कि डीपीआईएल ने अपने प्रबंधन के जरिए 2008 से 11 बैंकों (सार्वजनिक और निजी दोनों) के समूह से कर्ज सुविधा हासिल की और 29 जून 2016 को 2654.40 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया।