अगस्त के महीने में 5 दिनों तक तिरुपति बालाजी के दर्शन भक्तों के लिए बंद हो सकते हैं। इसका कारण एक धार्मिक अनुष्ठान बताया जा रहा है। यह एक वैदिक रिवाज है, जिसे हर 12 साल बाद अघमास में मनाया जाता है। इसे अस्ताबंधना बाललया महासंपरोकषनाम से जाना जाता है। इस आयोजन के दौरान तिरुमला ट्रस्‍ट ने मंदिर को भक्‍तों के लिए नहीं खोलने का फैसला किया है।

अस्ताबंधना बाललया महासंपरोकषनाम इस साल 12 से 16 अगस्‍त के बीच होगा। तिरुमला तिरुपति देवास्थानम (टीटीडी) की ओर से आधिकारिक तौर पर यह जानकारी मीडिया को दी गई है। टीटीडी ने इन 5 दिनों के लिए सभी अर्जित सेवाओं को भी निरस्‍त कर दिया है। सामान्‍य तौर पर यहां हर दिन 30 से 35 हजार भक्‍तों को दर्शन करने की अनुमति दी जाती है। इसलिए ट्रस्ट की तरफ से भक्तों को अपने आने का कार्यक्रम इस बात को ध्यान में रखकर बनाने का सुझाव दिया गया है।

अगले महीने होने वाला यह अनुष्‍ठान 1958 से यहां आयोजित किया जा रहा है। हर 12 साल में यह विशेष प्रकार की पूजा करके भगवान तिरुपति और उनके पूरे परिवार की दीर्घ आयु की कामना की जाती है। मान्‍यता है कि इस दौरान भगवान तिरुपति की मूर्ति और परिवार के अन्‍य देवताओं की शक्ति एक विशेष प्रकार के पात्र में स्‍थानांतरित हो जाती है। यह पात्र यज्ञशाला में रखा जाता है।

टीटीडी के जॉइंट एग्जिक्युटिव ऑफिसर ने भक्‍तों से अपील की है कि वह भगवान के दर्शन के लिए मंदिर के आयोजन की तारीख को ध्‍यान में रखते हुए अपना कार्यक्रम तय करें। बताया जा रहा है कि महासंपरोकषनाम की तैयारियां 20 जुलाई से ही शुरू होकर 8 अगस्‍त तक पूर्ण कर ली जाएंगी।