इंदौर। मंदसौर दुष्कर्म केस की पीड़ित बच्ची की हालत सुधर रही है। गुरुवार को उसके कुछ टांके काटे गए। वह अवसाद से भी धीरे-धीरे बाहर निकल रही है। मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह ने शाम को एमवाय अस्‍पताल पहुंचकर बच्‍ची के स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में जानकारी ली।उनके साथ मंत्री नरोत्‍तम मिश्रा भी थे। सीएम ने अधिकारियों और चिकित्‍सकों से आवश्‍यक जानकारी लेकर बच्‍ची के बेहतर उपचार के निर्देश भी दिए। सीएम बच्‍ची के परिजनों से भी मिले।

दोपहर में एमवाय अस्पताल अधीक्षक डॉ. वीएस पाल ने मेडिकल बुलेटिन जारी किया, जिसके अनुसार बच्ची की हालत में सुधार हो रहा है। उसके कुछ टांके काटे गए हैं। शुक्रवार को स्थिति देखकर और टांके काटे जाएंगे। बच्ची परिजन और स्टाफ से सहज बातचीत कर रही है। वीडियो गेम में वह स्टाफ को हरा रही है।


इससे माना जा सकता कि वह मानसिक रूप से मजबूत हो रही है। उसने खाने को लेकर पसंदीदा चीजें मांगी हैं। उसे चॉकलेट, कचौरी, रबड़ी खिलाई गई। बुधवार की घटना देखते हुए पुलिस ने उसकी सुरक्षा बढ़ा दी है। नर्सिंग स्टाफ को लापरवाही न बरतने की हिदायत दी गई है। नर्स के मोबाइल से क्लिपिंग के मामले में अधीक्षक ने पुलिस जांच की बात कही।


वहीं, बच्ची बयान देने की स्थिति में है या नहीं, इसकी जांच के लिए चार डॉक्टरों की पैनल बनाई गई है। इसमें मनोचिकित्सकों के साथ शिशु रोग विशेषज्ञ व अस्पताल का डॉक्टर शामिल किया गया है। मनोचिकित्सक रोज बच्ची से बात कर रहे हैं, ताकि वह जल्द से जल्द ठीक हो सके।


घर जाने की जिद


जानकारी के अनुसार बच्ची ने माता-पिता से घर जाने की जिद भी की। बच्ची की बात बड़ी बहन, दादा, चाचा व मामा से कराई गई, जिसके बाद वह खुश हुई।


मुख्यमंत्री ने कहा- बच्‍ची का भविष्‍य मेरी जिम्‍मेदारी


बच्‍ची के हालचाल जानने के बाद सीएम ने मीडिया से कहा कि बेटी के स्वस्थ में तेजी से सुधार हो रहा है। डॉक्टर कॉंफिडेंट हैं। बेटी तेजी से ठीक हो रही है। बाल सुलभ स्वभाव से सबसे घुल मिल गई है। मैं संतुष्ट हूं इलाज बेहतर चल रहा है।


शिवराज ने कहा कि वो अपनी मम्मी पापा की बेटी तो है ही मेरी और मप्र की भी है। मैं डॉक्टरों से सम्पर्क में था।तीन दिनों तक मैं दर्जन बार फोन करता था। उसका भविष्य मेरी जिम्मेदारी है इसकी व्यवस्था हम करेंगे। उन दरिंदो को जल्दी फांसी के फंदे पर पहुंचाने के लिए पुलिस प्रशासन जल्‍द अपना काम पूरा करेगा।


सीएम के अनुसार बच्ची बयान देने की हा‍लत में है। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को अनुरोध किया है कि फ़ास्ट ट्रैक सुनवाई हो। इन दरिंदों को फांसी पर चढ़ाया जाय। उन्‍होंने कहा कि एक और बेटी को एयर एम्बुलेंस से सतना से दिल्ली भेजा है। उसकी पढ़ाई और इलाज का हम खयाल रखेंगे।


शिवराज ने कहा कि समाज मे कुछ लोग होते हैं जो हमे शर्मसार करते हैं। आज अश्‍लील फिल्मों के कारण बच्चे गलत दिशा में बढ़ते है। बेटी के मान सम्मान की बात पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे। बेटी बचाओ अभियान में नई चीज जोड़ेंगे।


सहमा अस्पताल स्टाफ


अस्पताल में बुधवार को बच्ची की फोटो लेने की कोशिश और नर्स की गिरफ्तारी के बाद स्टाफ सहम गया है। अब कोई भी बच्ची को लेकर चर्चा नहीं कर रहा है। अधिकतर स्टाफ ने तो बगैर काम के उसके कमरे के बाहर से निकलना भी बंद कर दिया है।