बिलासपुर। 13 जुलाई को साल का दूसरा सूर्यग्रहण होगा। यह पुनर्वसु नक्षत्र व हर्षण योग में पड़ेगा जो सुबह सात बजकर 19 बजे से शुरू होकर नौ बजकर 44 मिनट में समाप्त होगा। 13 जुलाई शुक्रवार अषाढ़ कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मिथुन राशि और पुनर्वसु नक्षत्र व हर्षण योग में सूर्यग्रहण पड़ेगा।


सूर्यग्रहण का स्पर्श सुबह 7.19 बजे होगा और ग्रहणकाल का मोक्ष सुबह 9.44 बजे होगा। ग्रहणकाल का सूतक लगभग 12 घंटे पूर्व लगेगा। सूर्यग्रहण के 15 दिन के बाद चंद्रग्रहण पड़ेगा।


पं.दीपक शर्मा ने बताया कि अषाढ़ में पड़ने वाले दो ग्रहण से वर्षा ऋतु प्रभावित होगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार अल्प वर्षा की स्थिति की आशंका प्रतीत हो रही है। जल निधि के कारक ग्रह चंद्रमा की कर्क राशि में राहु का गोचर होना जल की अल्पता का परिचायक है।


नहीं दिखेगा भारत में


सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। वहीं ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण उदयमान सूर्य देव पर पड़ रहा है। इससे ग्रहणकाल और सूतक के दौरान मान्य मान्यताओं का पालन करना चाहिए।


खुलेंगे जगन्नाथ मंदिर के पट भी


इसी दिन जगन्नाथ मंदिर के पट भी खुलेंगे और श्रद्घालुओं को महाप्रभु के नवजोबन रूप के दर्शन होंगे। वहीं मंदिर समिति के पदाधिकारी केके बेहरा ने बताया कि मंदिर में ओडिशा मंदिर की सभी मान्यताओं और परंपरानुसार पूजन होता है। ओडिया कैलेंडर में भी ग्रहण नहीं दिखाने से मंदिर में पूजन की कोई बाधा भी नहीं होगी। इस वजह से मंदिर में सुबह पांच बजे से महाप्रभु के दर्शन श्रद्घालुओं को होने लगेंगे।


15 दिन बाद चंद्रग्रहण भी


जुलाई महीने में ही सूर्यग्रहण के 15 दिन के बाद चंद्रग्रहण होगा। चंद्रग्रहण 27 जुलाई शुक्रवार को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मकर राशि और श्रवण नक्षत्र में चंद्रग्रहण पड़ेगा। सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण दोनों ही शुक्रवार को पड़ रहा है।