बिलासपुर। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे अब बिजनेसमैन बनकर निकलेंगे। स्टूडेंट सिर्फ परीक्षा पास करने या नौकरी लगने के लिए शिक्षा ग्रहण नहीं करेंगे। बल्कि बेस्ट आइडियाज भी देंगे। केंद्र सरकार स्कूलों में इनोवेशन क्लब खोलने जा रही है। आइआइटी जैसे तकनीकी संस्थान इनोवेशन व स्टार्टअप को बढ़ावा देने मदद करेंगे।


जिले के सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट सीधे कॅरियर डेवलपमेंट से जुडेंगे। एमएचआरडी ने हाल ही में इनोवेशनल सेल बनाया है। इसमें तकनीकी संस्थान की मदद से स्कूलों में इनोवेशन क्लब खोले जाएंगे। इसके मद्देनजर ओरिएंटेशन गाइडेंस के अलावा विभिन्न गतिविधियां कराई जाएंगी।


साथ ही जिन छात्र-छात्राओं के पास बेहतर इनोवेशन है, वह इसे आगे ले जा सकेंगे। इसके लिए इनोवेशन फंड भी उपलब्ध कराया जाएगा। सेल में चीफ इनोवेशन ऑफिसर रहेगा, जो हर तरह की गतिविधियों पर नजर रखेगा।


इसको लेकर गाइडलाइन जारी की गई है, जिसमें बताया गया है कि अच्छा कार्य करने वाले छात्र-छात्राओं को क्लब से पुरस्कृत भी किया जाएगा। स्टूडेंट को इलेक्ट्रानिक्स सामान खरीदने पर अतिरिक्त छूट भी मिलेगी।


माना जा रहा है कि सत्र के आरंभ से ही स्कूलों को इसके लिए जानकारी दी जाएगी। जिला शिक्षा विभाग का कहना है कि अभी केंद्र सरकार का यह प्रस्ताव राज्य शासन के पास है। नोटिफिकेशन जारी होते ही इसका पालन किया जाएगा।


स्टूडेंट के मन को पढ़ेंगे एक्सपर्ट


शिक्षकों का कहना है कि केंद्र सरकार एक्सपर्ट के माध्यम से स्टूडेंट के मन को पढ़ेंगे। बच्चों के दिमाग में यह ख्याल रहता है कि वह पढ़ाई के बाद नौकरी ही करनी है। जिसमें कुछ सफल होते हैं तो कुछ असफल। काफी प्रयास के बाद भी कुछ बच्चे आगे नहीं बढ़ पाते। आइआइटी की मदद से स्टूडेंट को उद्यमी बनाने का प्रयास है। कॅरियर गाइडेंस व डेवलपमेंट सेल को बढ़ावा देकर इनोवेशन पर फोकस किया जा रहा है।


सोच विकसित करना लक्ष्य


तकनीकी संस्थान से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इनोवेशन क्लब के माध्यम से बच्चों में सकारात्मक बिजनेस सोच विकसित करना लक्ष्य है। अभी तक स्कूली बच्चे एक सीमित दायरे में रहकर सोचते हैं अलग से कोई आइडियाज मन में लाना भी चाहे तो जल्दी से खुलासा नहीं करते। पढ़ाई के बोझ में फंस जाते हैं। एक्सपर्ट अब ऐसे बच्चों की पूरी मदद करेंगे। स्कूली शिक्षा के साथ उद्यमी बनाएंगे।


एमएचआडी ने इसकी शुरुआत की है। केंद्र सरकार से यह अभी राज्य शासन के पास पहुंचा है। स्कूलों में आदेश आने के बाद इसका पालन किया जाएगा। यह एक अच्छी योजना है। बच्चों में उद्यमी बनने की सोच विकसित होगा। - हेमंत उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर