बिलासपुर। अमेरिका के पेनिसिलवेनिया स्टेट के मोनरोवेलो शहर में बीते 11 महीने से पति द्वारा ठुकराए जाने से बंधक जीवन जीने के बाद छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर की बेटी निधि को अब जाकर राहत मिली है। अमेरिकी कोर्ट के आदेश के बाद 26 जून को उसे पासपोर्ट जारी कर दिया गया है।


अब उसका स्वदेश वापसी का रास्ता साफ हो गया है। वह अपने पांच साल के बेटे साकेत को भी साथ लाना चाहती है। मुश्किल ये कि साकेत का जन्म अमेरिका में हुआ है। अमेरिकी कानून के अनुसार उसकी देखरेख का पूरा जिम्मा वहां की सरकार का है। निधि भी यह बात अच्छी तरह जानती है, लेकिन वह अपने जिगर के टुकड़े के बिना स्वदेश लौटना नहीं चाहती । लिहाजा एक बार फिर उसने भारतीय उच्चायुक्त के अफसरों के सामने गुहार लगाई है।


बाल्टीमोर शहर में पति के खौफ व धमकी से परेशान निधि मोनरोवेलो शहर में थी। निधि के पिता डीएन राव ने नईदुनिया को बताया कि निधि की इच्छा है कि उसका पांच साल का बेटा भी उसके साथ आए। लिहाजा अपना पासपोर्ट हासिल करने के बाद 29 जून को उसने भारतीय उच्चायुक्त स्थित आला अधिकारियों से मोबाइल के जरिए संपर्क किया था। एंबेसी ने मानवीय संस्था से संपर्क करने की सलाह दी है।


मानवीय संस्था ने ही भारतीय उच्चायुक्त के निर्देश पर निधि की कानूनी मदद की थी। जिसके आधार पर निचली अदालत में निधि ने अपना पक्ष मजबूती के साथ रखा । सुपीरियर कोर्ट ने निधि के पति डी रविशंकर की आपत्ति को खारिज करने के साथ ही पासपोर्ट जारी करने अमेरिकी सरकार को निर्देशित किया था। निधि के पिता डीएन राव ने बताया कि मानवीय संस्था ने साकेत को स्वदेश साथ ले जाने कानूनी मदद का आश्वासन दिया है।


क्या है मामला


निधि की शादी वर्ष 2012 में विशाखापट्टनम निवासी डी रविशंकर के साथ हुई थी। रविशंकर अमेरिका के बाल्टीमोर शहर में एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है। वह और उसका पूरा परिवार वहीं बस गया है। वह यूएएस का ग्रीनकार्डारी भी है।


अप्रैल 2013 में निधि ने पुत्र को जन्म दिया । पुत्र के जन्म के बाद से ही रविशंकर और निधि के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने लगा । जानकारी मिलने पर पिता अमेरिका से बेटी व नाती को लेकर बिलासपुर आ गए । तकरीबन एक साल बाद निधि ने अपने पति से वीजा नवीनीकरण कराने की बात कही व अमेरिका आने की इच्छा जताई । पति ने वीजा नवीनीकरण नहीं कराया ।


सुपीरियर कोर्ट ने देश न छोड़ने जारी किया फरमान


9 जून 2017 को न्यूजर्सी समरसेट स्थित सुपीरियर कोर्ट ने एक आदेश जारी किया । कोर्ट का आदेश ई-मेल के जरिए भेजा गया । इसमें लिखा गया है कि निधि व उसका बेटा साकेत देश छोड़कर नहीं जा सकते। कोर्ट के आदेश के बाद कानूनी सहायता के लिए निधि ने एंबेसी से संपर्क किया ।


साकेत को भारत से वापस अमेरिका लाने कोर्ट ने जारी किया था फरमान


निधि पर एक और मुसीबत सामने आई जब न्यूजर्सी कोर्ट ने उसके बेटे साकेत जो अपने नाना व नानी के साथ रहकर बिलासपुर में पढ़ रहा था,एक महीने के भीतर भारत से वापस अमेरिका लाने का फरमान जारी कर दिया । 


प्रानमंत्री व विदेश मंत्री के संज्ञान में लाया मामला


शहर की बेटी निधि के स्वदेश वापसी के लिए नईदुनिया ने लगातार खबरों का प्रकाशन किया। खबरों के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के संज्ञान में भी इस प्रकरण को लाया था । विदेश मंत्री ने दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय उच्चायुक्त को मदद के निर्देश दिए थे। इसके बाद भारतीय उच्चायुक्त ने निधि से बात की । अब निधि को पासपोर्ट हासिल हो गया है।