मध्य प्रदेश के मंदसौर में सात साल की बच्ची के साथ गैंगरेप के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों का पुलिस एचआईवी टेस्ट करवाएगी. पुलिस को शक है कि ये दोनों सीरियल ओफेंडर हो सकते हैं. ऐसे में उनके एचआईवी टेस्ट के बाद बच्ची की इलाज के लिए ज़रूरी कदम उठाया जा सके.


गैंगरेप पीड़ित बच्ची का इंदौर के एमवाई हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है. वहीं अस्पताल की तरफ से जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि बच्ची की हालत में सुधार के संकेत मिले हैं. डॉक्टरों का कहना है कि वह अपने रिश्तेदारों से बात कर रही है, हालांकि उसके घावों को पूरी तरह  ठीक होने में दो हफ्ते का वक्त लग सकता है.


उधर परिवार के करीबी लोगों ने बताया कि बच्ची बेहद दर्द में है. उसने कराहते हुए अपनी मां से कहा कि 'मुझे ठीक कर दो या मार दो'. वह इतनी डरी सहमी है कि अपनी मां को अपने पास से कहीं जाने भी नहीं दे रही थी.


पुलिस अधीक्षक सिटी (एसपी) राकेश मोहन शुक्ला ने कहा कि इस मामले की जांच हमारी प्राथमिकता में है. जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है. आरोपी को पुलिस रिमांड में भेजा गया है. हम उन्हें सजा देने के लिए सबकुछ कर रहे हैं.

सात साल की इस बच्ची से बलात्कार के मामले में अब तक की जांच में पता चला है कि बुधवार को नाबालिग अपने स्कूल के बाहर अकेले में इंतजार कर रही थी. इतने में दो आरोपी इरफान और आसिफ ने उसे देखा और मिठाई का लालाच देकर अपने साथ ले गए. दोनों ने लक्ष्मण गेट पहुंचकर उसके साथ बलात्कार किया और बाद में उसे मृत समझकर एक सुनसान जगह पर फेंक दिया.


इस घटना ने 2012 दिल्ली गैंगरेप की यादों को ताजा कर दिया है. लड़की का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि लड़की की नाक को बहुत बुरी तरीके से काटा गया था. वहीं उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाल दी गई थी. लड़की को बचाने के लिए डॉक्टरों को उसकी तीन सर्जरी करनी पड़ी और उसकी कुछ नसों को भी काटना पड़ा.