मध्य प्रदेश के मंदसौर में गैंगरेप और हैवानियत की शिकार हुई बच्ची के पिता ने शिवराज सिंह चौहान सरकार से मिले मुआवजे को ठुकरा दिया है. पीड़ित के पिता ने कहा है कि उन्हें कोई मुआवजा नहीं चाहिए और वह बस रेपिस्ट को फांसी पर लटकते देखना चाहते हैं.


बता दें कि मंदसौर की मासूम के साथ हुई ज्यादती के खिलाफ लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता दिख रहा. मध्य प्रदेश के कई जिलों में इस घटना के खिलाफ लोगों ने विरोध मार्च निकालते हुए दोषियों को फांसी देने की मांग की.


मंदसौर, इंदौर, रतलाम सहित कई जिलों में आरोपियों को फांसी देने की मांग ओर पकड़ती जा रही है. राजधानी भोपाल में भी शनिवार शाम और रविवार को भी कैंडिल मार्च निकाला गया, जिसमें रेपिस्ट के लिए फांसी की सजा की मांग की गई.


इस बीच खबर है कि बच्ची से गैंगरेप के दोनों आरोपियों का एचआईवी टेस्ट किया जाएगा ताकि बच्ची के स्वास्थ्य को लेकर ज़रूरी कदम उठाया जा सके. बच्ची को इंदौर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.अस्पताल में स्थिति में हो रहा है सुधार

अस्पताल में लड़की की हालत में सुधार के संकेत मिले हैं. एमवाई हॉस्पिटल की तरफ से जारी मेडिकल बुलेटिन में इस बात की जानकारी दी गई है. लड़की का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वह अपने रिश्तेदारों से बात कर रही है, उसके घावों को ठीक होने में दो हफ्ते का वक्त लग सकता है.

परिवार के करीबी लोगों ने बताया कि बच्ची बेहद दर्द में है. उसने कराहते हुए अपनी मां से कहा कि ‘मेरा इलाज कर दो या मार दो’. वह इतनी डरी सहमी है कि अपनी मां को अपने पास से कहीं जाने भी नहीं दे रही थी.


पूरा खर्च उठाएगी सरकार

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बच्ची की पढ़ाई, नौकरी और शादी तक की पूरी जिम्मेदारी उठाने की बात कही है. बच्ची के नाम दस लाख की एफडी भी करवाई गई है. इंदौर कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यह जानकारी दी है.

कांग्रेस ने की है CBI जांच की मांग

इससे पहले शनिवार को कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंदसौर रेप केस पर शिवराज सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि यह शिवराज सरकार की विफलता का प्रतीक है कि मंदसौर में मासूम लड़की के बलात्कार के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में काफी समय लग गया. उन्होंने कहा कि अब भी जांच सही दिशा में नहीं जा रही है. हम इस मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हैं.


बता दें कि मंदसौर में बुधवार को नाबालिग अपने स्कूल के बाहर अकेले में इंतजार कर रही थी. इतने में दो आरोपी इरफान और आसिफ ने उसे देखा और मिठाई का लालाच देकर अपने साथ ले गए. दोनों ने लक्ष्मण गेट पहुंचकर उसके साथ रेप किया और बाद में उसे मृत समझकर एक सुनसान जगह पर फेंक दिया.