मंदसौर, मध्य प्रदेश के मंदसौर में सात साल की मासूम बच्ची के साथ निर्भया जैसी दरिंदगी करने वाला दूसरा आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया. इससे पहले पुलिस ने आरोपी इरफान खान को गिरफ्तार कर लिया था. इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली के निर्भया कांड की यादें ताजा कर दी. इस घटना को लेकर लोगों में खासा गुस्सा है.


मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले दूसरे आरोपी को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया. उसकी पहचान आसिफ के रूप में हुई है. पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी. फिलहाल, अभी पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. इससे पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी इरफान को पुलिस पहले ही 2 जुलाई तक रिमांड पर ले चुकी है.


जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है पीड़िता


इंदौर के एमवायएच हॉस्पिटल में मासूम बच्ची जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है. डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची की आंत और प्राइवेट पार्ट भीतर से अलग हो गए थे और उसकी आंतें बाहर आ गई थीं. उसे इतनी गहरी चोटें आई हैं कि उसकी सर्जरी 7 घंटे चली. उसके गले में भी सात टांके लगाए गए हैं. नाक पर जख्म इतने गहरे कि ट्यूब लगानी पड़ी और मुंह के घावों को ढंकने के लिए ल्यूकोप्लास्टी की गई.


बच्ची का इलाज करने वाले डॉ. ब्रजेश लाहोटी ने बताया कि बच्ची को गंभीर चोटें आई हैं. उसे एक यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया है. बच्ची अभी भी सदमे में है, इससे बाहर निकलने में उसे वक्त लगेगा. बच्ची के साथ इस कदर दरिंदगी की गई कि डॉक्टर और पुलिस भी उसकी हालत देखकर कांप गए थे.


बच्ची के शरीर पर मौजूद हैं दरिंदगी के निशान


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्ची के शरीर पर जगह-जगह दरिंदों के दांत के निशान हैं. नाक पर जख्म इतने गहरे हैं कि डॉक्टरों को नेसोगेस्ट्रिक ट्यूब लगानी पड़ी. बच्ची का प्राइवेट पार्ट लहूलुहान है. रात में ही डॉक्टरों को उसका ऑपरेशन करना पड़ा. आंतों को काटकर बाहर एक रास्ता बनाकर प्राइवेट पार्ट्स को ऑपरेट किया गया.


एक आरोपी दो जुलाई तक पुलिस रिमांड पर


उधर, बच्ची से रेप के विरोध में गुरुवार को मंदसौर बंद रहा. लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखी. भारी आक्रोश के चलते पुलिस आरोपी इरफान खान को कोर्ट में पेश नहीं कर पाई. इसके बाद कोर्ट खुद कंट्रोल रूम पहुंची, जहां इरफान को 2 जुलाई तक पुलिस रिमांड में रखे जाने का फैसला हुआ. वहीं, पुलिस का कहना है कि उन्होंने जांच के लिए अफसरों की 15 सदस्यीय टीम बनाई गई है. 20 दिन में चालान पेश कर आरोपी को फांसी की सजा दिलाने की बात कही.


आरोपियों के लिए फांसी चाहते हैं माता-पिता


अस्पताल में बच्ची के पास दो पुलिसकर्मी तैनात हैं. परिवार को भी किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा. माता-पिता बेबसी से बच्ची के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं. आंखों में आंसू रोके मां उसे इस उम्मीद में देख रही थी कि वह उठे और बात करे. मासूम के पिता ने बताया "मेरी बच्ची उठती है और सो जाती है. वह सिर्फ एक बार बोली. मैं जब स्कूल पहुंचा था तब वो वहां नहीं मिली. मैंने पुलिस थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई. जिस दरिंदे ने मेरी बच्ची के साथ ऐसा किया है उसे चौराहे पर खड़ा कर फांसी हो, तभी हमारी आत्मा को शांति मिलेगी."


ऐसा दिया घटना को अंजाम


बता दें कि मंदसौर में मंगलवार को स्कूल से लापता 7 साल की तीसरी क्लास में पढ़ने वाली मासूम बच्ची के साथ निर्भया जैसी दरिंदगी की गई. आरोपियों ने घटना के बाद उसे लहूलुहान कर झाड़ियों में फेंक दिया था. बुधवार को स्कूल के पास ही झाड़ियों में वो बुरी तरह से घायल हालत में मिली थी. उस पर धारदार हथियारों से पांच वार किए गए थे. उसे गंभीर हालत में इंदौर लाया गया है. इस संबंध में पुलिस ने अपहरण और रेप का केस दर्ज कर स्कूल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाली. एक फुटेज में बच्ची एक युवक के पीछे जाती दिख रही है. पुलिस ने पहले इस मामले में 20 साल के इमरान को गिरफ्तार किया और शुक्रवार को दूसरे आरोपी आसिफ को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.


लड्‌डू खिलाकर जंगल में ले गए थे दरिंदे


स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्ची ने इलाज के लिए मंदसौर से इंदौर ले जाते समय एम्बुलेंस में अपनी मां को पूरी कहानी बताई. उसने मां को बताया कि वह स्कूल के बाहर दादी का इंतजार कर रही थी. तभी एक अंकल आए. उन्होंने मुझे एक लड्‌डू खाने को दिया. लड्‌डू खाने के बाद वे मुझे जंगल ले गए. जहां एक और अंकल थे. उन्होंने मेरी गर्दन पर कटर (धारदार हथियार) रख दिया, धमकाया भी. इसके बाद दोनों अंकल ने मेरे साथ गंदा काम किया.