कविता रैना हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर जुलाई के पहले सप्ताह में सुनवाई होगी. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इस मामले में पहले दायर याचिका में पारित आदेश की कॉपी पेश करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट दोनों पक्षों को सुनने के बाद तय करेगी कि प्रकरण की सीबीआई जांच करवाई जाए या नहीं.


कविता रैना हत्याकांड मामले में आरोपित महेश बैरागी को न्यायलय द्वारा बरी किए जाने के बाद यह जनहित याचिका लॉयर्स फॉर जस्टिस संस्था द्वारा दायर की गई थी. संस्था की तरफ से अधिवक्ता चंपालाल यादव और ओपी सोलंकी पैरवी कर रहे हैं. याचिका में कविता रैना हत्याकांड की सीबीआई जांच करायी जाने की मांग की है.


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जानकारी के अनुसार हत्याकांड के आरोपित महेश बैरागी को सेशन कोर्ट द्वारा 18 मई को सुनाए गए फैसले में बरी कर दिया था. याचिका में सवाल उठाया गया है सेशन कोर्ट के फैसले से साफ है कि कविता की हत्या महेश ने नहीं की थी. ऐसे में सवाल अब भी अनुत्तरित है कि कविता की हत्या किसने की? सेशन कोर्ट ने फैसले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सख्त टिप्पणी की है. हत्याकांड की सीबीआई जांच करवाई जाए तो आरोपी तक पहुंचा जा सकता है.

 

इंदौर के मित्र बंधुनगर निवासी कविता रैना 24 अगस्त 2015 को दोपहर के वक्त बेटी को स्कूल बस से लेने घर से निकली थी. इसके बाद वह गायब हो गई. गुम होने के तीसरे दिन शव नौलखा क्षेत्र में एक नाले में मिला. पुलिस ने इस मामले में मित्र बंधु नगर में ही रहने वाले महेश बैरागी को आरोपित बनाया था. वह करीब ढाई साल तक जेल में रहा.18 मई को सेशन जज बीके द्विवेदी ने उसे मामले में बरी कर दिया था. महेश की तरफ से पुलिस को नोटिस जारी कर पांच करोड़ रुपए मुआवजे की मांग भी की गई है.