इंदौर। भय्यू महाराज आत्महत्या केस में सीएसपी की जांच 90 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। उन्हें विसरा और रिवॉल्वर की फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। दोनों रिपोर्ट के बाद यह तय होगा कि आखिर महाराज की आत्महत्या का दोषी कौन है।


भय्यू महाराज आत्महत्या मामले की सीएसपी (खजराना) मनोज रत्नाकर को जांच सौंपी गई। सीएसपी ने करीब 25


लोगों के बयान लिए। सूत्रों के मुताबिक कुछ लोगों ने बताया कि महाराज पत्नी व बेटी के बीच चल रहे विवाद के कारण तनाव में थे, वहीं कुछ लोगों ने आर्थिक कमजोरी और कर्ज की बात कही। जांच अफसर के मुताबिक अभी किसी को भी क्लीन चिट नहीं मिली है। संभव है किसी को मुलजिम भी बनाया जाए।


भोपाल से आया दोस्त का कॉल


पुलिस यह जान चुकी है कि महाराज के परिजन और सेवादार आत्महत्या की असल वजह छिपा रहे हैं। पुलिस मुख्य कारणों को ढूंढने की कोशिश कर रही है। मंगलवार को भोपाल से भय्यू महाराज के एक दोस्त का कॉल आया। उसने डीआईजी से कहा कि वह आत्महत्या के कारणों के बारे में बातें शेयर करना चाहता है। डीआईजी ने उसे मिलने बुलाया है।


पुलिस को गुमराह कर रहे थे, कॉल डिटेल से ढूंढे जा रहे राज


एक वरिष्ठ अफसर के मुताबिक कुछ लोगों के इशारे पर सेवादार और ट्रस्टी पुलिस को गुमराह कर रहे हैं। हमने


कॉल डिटेल सामने रखी तो जवाब देने से कतराने लगे। पहले वह लिखा गया जो उन्होंने बताया। अब उनके बयानों को क्रॉस चेक किया जा रहा है। इसी से सच और झूठ का पता लगाया जाएगा।


इन लोगों से हुई पूछताछ


कुहू (बेटी), डॉ.आयुषी (पत्नी), कुमुदिनी (मां), सरोज सोलंकी, गोलू उर्फ गोल्डू (नौकर), योगेश देशमुख, शरद शर्मा, प्रवीण देशमुख, राजेंद्र पंवार, अमोल चव्हाण, शरद पंवार, संजय यादव, तुषार पाटिल (सेवादार व ट्रस्ट पदाधिकारी), मनमीत अरोरा (कंस्ट्रक्शन व्यवसायी), राजा उर्फ निवेश बड़जात्या (वकील), मधुमति उर्फ रेणु पाटिल, प्रदीप पाटिल, आराधना पाटिल, अनिल पाटिल (बहन व बहनोई), मनोहर सोनी (दोस्त), दिलीप देशमुख व अरुण देशमुख (भाई), डॉ. विनोद पोरवाल, डॉ. त्रिवेदी सहित अन्य।


सिंधिया पहुंचे भय्यू महाराज के घर, बीमार मां से पूछा हाल


मंगलवार सुबह कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया बोरावां में पूर्व उपमुख्यमंत्री सुभाष यादव की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने से पहले दिवंगत संत भय्यू महाराज के घर पहुंचे। संवेदना प्रकट करने के बाद सिंधिया ने दिवंगत संत की वयोवृद्ध मां से भी बात की। भय्यू महाराज की बीमार मां से हाल-चाल पूछने के बाद परिवार के सदस्यों से सिंधिया करीब 15 मिनट तक चर्चा करते रहे। सिंधिया के साथ पूर्व विधायक तुलसी सिलावट और सत्यनारायण पटेल भी थे। सिंधिया युवा कांग्रेस में नवनियुक्त कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष पवन जायसवाल के घर भी संवेदना प्रकट करने पहुंचे और वहां से बोरावां रवाना हो गए।