पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया दिवंगत आध्यात्मिक संत भय्यूजी महाराज के निवास पर पहुंचे वहां उन्होंने उनके परिजनों से मिलकर शोक संवेदना प्रकट की.


भय्यूजी महाराज के सुसाइड करने के बाद उनके अंतिम संस्कार या बाद में उनके परिजनों से मिलने मध्य प्रदेश का कोई बड़ा नेता ना जाने से यह मुद्दा चर्चा का विषय बना रहा, तमाम तरह की अटकलें लगती रहीं. हालांकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में भय्यूजी महाराज की सुसाइड का कारण पारिवारिक कलह बताया गया है, लेकिन जांच अभी भी जारी है.


गौरतलब है कि हाई प्रोफाइल भय्यूजी महाराज ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी. भय्यूजी महाराज के सुसाइड करने के पीछे पारिवारिक कलह को वजह बताया जा रहा है. उन्होंने उसी कैंपस में खुदकुशी की, जहां एक साल पहले उन्होंने अपनी दूसरी पत्नी से शादी रचाई थी.

कौन थे भय्यूजी महाराज


- एमपी के शुजालपुर के एक किसान परिवार में जन्मे भय्यूजी महाराज का असली नाम उदयसिंह देखमुख था.


- इंदौर में बापट चौराहे पर उनका आश्रम है जहां से वे अपने ट्रस्ट के सामाजिक कार्यों का संचालन करते थे.


- भय्यूजी महाराज की पहली पत्नी का नाम माधवी था जिनका निधन हो चुका है.


- माधवी से उनकी एक बेटी कुहू है जो फिलहाल पुणे में पढ़ाई कर रही है.


- भय्यूजी महाराज नाम तब चर्चा में आया था, जब भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे अन्ना हजारे को मनाने के लिए यूपीए सरकार ने उनसे संपर्क किया था.