नई दिल्ली टीम इंडिया के स्टार क्रिकेटर और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के नाम वैसे तो कई रिकॉर्ड्स हैं, लेकिन एक ऐसा रिकॉर्ड है, जो किसी के लिए भी तोड़ पाना नामुमकिन सा है। धौनी दुनिया के इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिनकी कप्तानी में टीम ने तीनों आईसीसी ट्रॉफी जीती हों। 

2007 वर्ल्ड ट्वंटी, 2011 वर्ल्ड कप और 2013 चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब भारत ने धौनी की ही कप्तानी में जीते हैं। 23 जून वही तारीख है, जिस पर धौनी ने भारत को चैम्पियंस ट्रॉफी जिताई थी। फाइनल मैच में इंग्लैंड को हराकर भारत चैम्पियन बना था। 


मैच बर्मिंघम में खेला गया था और बारिश के चलते 20 ओवर का कर दिया गया था। रोमांच की हद तक पहुंचे इस मैच को भारत ने धौनी की कप्तानी के दम पर ही जीता था। विराट कोहली ने इस मैच यादगार पारी खेली थी और रविंद्र जडेजा ने ऑलराउंड खेल दिखाया था।

बारिश से प्रभावित मैच 20-20 ओवर का कर दिया गया था। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी का न्योता दिया था। शिखर धवन ने 24 गेंद पर 31, विराट कोहली ने 34 गेंद पर 41 और रविंद्र जडेजा ने 25 गेंद पर 33 रनों की पारी खेली थी। भारत का और कोई भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया था।


भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर महज 129 रन बनाए। माना जा रहा था इंग्लैंड आसानी से ये मैच जीत लेगा। लेकिन धौनी की सूझबूझ भरी कप्तानी और रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन की घूमती हुई गेंदों के सामने इंग्लिश बल्लेबाज फेल हो गए और भारत ने पांच रन से मैच जीत लिया।

मैच जीतने के बाद धौनी ने कहा था, 'जब हम बल्लेबाजी कर रहे थे, तो मैंने टीम से कहा था कि बस किसी तरह स्कोर 130 के आस-पास ले जाओ। बारिश से हमें मदद मिली क्योंकि बाद में गेंद ग्रिप में आ रही थी। ये जरूरी होता है कि आप पॉजिटिव रहें, मैंने टीम से कहा था कि हम नंबर-1 हैं और उसी तरह खेलना है। मुझे मालूम था कि दो पॉवरप्ले बहुत अहम हैं, मैं चाहता था कि वो स्पिनर्स को खेलें। स्पिनरों ने बहुत अच्छे से प्रेशर हैंडल किया। लोग कहते हैं कि क्रिकेट में तकनीक जरूरी है लेकिन प्रेशर को हैंडल करना बहुत जरूरी होता है।'


इस मैच में रविंद्र जडेजा मैन ऑफ द मैच चुने गए थे। किसी भी कप्तान के लिए अब ये रिकॉर्ड तोड़ पाना इसलिए नामुमकिन है, क्योंकि आईसीसी ने 2017 चैम्पियंस ट्रॉफी के बाद इस टूर्नामेंट को ही खत्म कर दिया है। अब कोई और कप्तान वर्ल्ड ट्वंटी20, वर्ल्ड कप और चैम्पियंस ट्रॉफी के तीनों खिताब नहीं जीत पाएगा।