मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी बंगले खाली एक महीने में खाली कराए जाएं. कोर्ट ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों कैलाश जोशी, उमा भारती और दिग्विजय सिंह से सरकारी बंगले एक महीने के भीतर खाली कराए जाएं. मुख्य न्यायाधीश हेमंत गुप्ता और जस्टिस विजय शुक्ला की बेंच ने उस नियम को असंवैधानिक बताया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी आजीवन सरकारी आवास और सुविधाएं देने का प्रावधान था.

दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, उमा भारती, कैलाश जोशी और बाबूलाल गौर पूर्व मुख्यमंत्री के नाते आज भी सरकारी बंगलों में रह रहे हैं. कुछ दिनों पहले शिवराज सरकार ने कैबिनेट में एक प्रस्ताव लाकर पूर्व मुख्यमंत्रियों को कैबिनेट मंत्री के बराबर सुविधाएं दिए जाने का प्रस्ताव भी पास किया था. हालांकि बाद में इसे कोर्ट में चुनौती दे दी गई.

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हाईकोर्ट ने पिछले साल दायर एक याचिका पर ये फैसला सुनाया. याचिका में कहा गया था कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नियम के विरुद्ध सरकारी आवासों में रहते हैं. प्रदेश सरकार ने इस मामले की सुनवाई के दौरान मध्यप्रदेश वेतन भत्ता अधिनियम में 2017 में संशोधन किया था और पूर्व मुख्यमंत्रियों को वर्तमान मंत्रियों के समान वेतन-भत्ते और आवास की सुविधा देने का प्रावधान जोड़ दिया था.

उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री खाली कर चुके हैं बंगले
बता दें कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगले खाली करने का आदेश दिया था. इसके बाद मुलायम, अखिलेश, मायावती, कल्याण सिंह और राजनाथ सिंह ने भी सरकारी बंगला छोड़ दिया था.