रेलवे ने ग्रुप-सी के पदों पर काम कर रहे लाखों कर्मचारियों को अफसर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों को प्रोन्नति कर ग्रुप-बी अधिकारियों का दर्जा देने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। एक माह बाद समिति की सिफारिशें लागू होने पर सालों से ग्रुप -सी के पदों पर कार्यरत कर्मचारी अधिकारी बन जाएंगे।

सूत्रों ने बताया कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिश में 4600 रुपये ग्रेड पे कर्मचारियों को ग्रुप सी से प्रोन्नत कर ग्रुप-बी का दर्जा देने की बात कही गई। केंद्र सरकार व राज्य सरकारों में इस नियम को लागू कर दिया गया। लेकिन रेलवे में आज तक इस पर अमल नहीं किया गया।

कई राज्य सरकारों से 4200 रुपये ग्रेड पे को ग्रुप-बी का दर्जा मिल चुका है। कर्मचारियों के दबाव के बाद रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों को अफसर बनाने के लिए 12 जून को उच्च स्तरीय अधिकारियों की समिति का गठन कर दिया है। अगले माह यह समिति अपनी सिफारिशें सौंप देगी। इसके बाद सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, टेलीकॉम आदि कैडर के ग्रुप-सी के कर्मचारियों को ग्रुप -बी का दर्जा दिया जाएगा। 

रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समिति की सिफारिशों के आधार पर कर्मचारियों को फायदा होगा। तकनीकी स्टाफ लगभग नौ हजार है और गैर तकनीकी सटाफ लगभग चार लाख से ऊपर है। इस तरह से ढाई से तीन लाख लोगों को इसका लाभ मिल सकता है। अधिकारी ने बताया कि ग्रुप -सी के कर्मचारियों को ग्रेड पे के अनुसार ग्रुप-बी राजपत्रित (गजेटेड) व ग्रुप-बी गैर राजपत्रित (नॉन गजेटेड) का दर्जा दिया जा सकता है। 

इन्हें मिलेगा प्रमोशन
 अगले माह यह समिति अपनी सिफारिशें सौंप देगी। इसके बाद सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, टेलीकॉम आदि कैडर के ग्रुप-सी कर्मचारियों को ग्रुप-बी का दर्जा दिया जाएगा। 

इन्हें होगा फायदा
ग्रुप-बी अफसर बनने के बाद कर्मियों का ग्रेड पे 4800 रुपये हो जाएगा। रेलवे के विशेष पास, अफसर क्लब आदि की सुविधा के अलावा क्लास वन अफसरों के बंगले मिलेंगे। रेलवे की ओर से चपरासी,वाहन आदि मिलेंगे।