राज्य सरकार काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास के क्षेत्र को अंर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने जा रही है। इसके लिए श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया जाएगा। मंदिर के आसपास रहने वाले 166 लोगों की जमीनें व मकान सरकार अधिग्रहीत करेगी। इसके लिए सरकार ने 413 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला किया है। इस फैसले पर मंगलवार को कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। 


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में श्रीकाशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास प्राधिकारण का गठन किया जाएगा। इसके लिए कैबिनेट ने अध्यादेश के प्रारूप को मंजूरी दे दी है।


स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर का देश-विदेश में काफी महत्व है। काशी विश्वनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर पिछले कई हजारों वर्षों से वाराणसी में स्थित है। काशी विश्वनाथ मंदिर का हिंदू धर्म में एक विशेष स्थान है। काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसलिए मौजूदा समय इसके विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है।


उन्होंने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना है। इसको ध्यान में रखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र के सुंदरीकरण और धरोहरों के संरक्षण की योजना प्रस्तावित है। इस योजना में इसके आसपास के वार्डों दशाश्वमेध, गढुवासीटोला के विस्तार को अधिसूचित कर विकास किया जाना है। इसमें 166 लोगों की जमीनें व भवन लिए जाने हैं। इस पर 413.1096 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस साल 150 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। राज्य सरकार ने विशिष्ट क्षेत्र के विकास के लिए श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद अध्यादेश लाएगी।