छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रमन कैबिनेट की बैठक में लिए गए शिक्षाकर्मियों के संविलियन के फैसले से जहां तमाम शिक्षाकर्मियों ने इसका स्वागत किया है, तो वहीं शिक्षक पंचायत के नेताओं में कुछ बिंदुओं को लेकर मलाल भी है.


मीडिया से बातचीत करते हुए शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के प्रांतीय संचालक संजय शर्मा ने बताया कि वो संविलियन के इस निर्णय का स्वागत तो करते हैं, लेकिन संपूर्ण संविलियन की अपनी लड़ाई को वो आगे भी जारी रखेंगे. संजय शर्मा ने बताया कि शिक्षक पंचायत ने समस्त शिक्षाकर्मियों के संविलियन और उन्हें क्रमोन्नत वेतनमान लाभ की मांग की थी, जिसे सरकार ने 8 वर्ष से ज्यादा अनुभव की बाध्यता से बांध दिया है.


संजय शर्मा ने बताया कि वो आगे भी सरकार से पत्र के माध्यम से शिक्षकों के संपूर्ण संविलियन के लिए आग्रह करेंगे. उन्होंने कहा कि प्रदेश के समस्त शिक्षकों को समान लाभ और सुविधाओं के साथ सभी का संविलियन किए जाने की मांग की है.


गौरतलब है कि कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार ने शिक्षाकर्मियों की संविलियन की मांग मान ली है और इस पर मुहर भी लगा दी है.. बैठक में निर्णय लिया गया है कि एक जुलाई 2018 तक 8 वर्ष तक सेवा अवधि पूर्ण करने वालों का शिक्षा विभाग में सम्पूर्ण संविलियन कर लिया जाएगा,जिससे कुल 1 लाख 3 हजार शिक्षाकर्मियों को लाभ होगा.