ग्रॉस आइलेट (सेंट लूसिया) इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने श्रीलंका के कप्तान दिनेश चंडीमल पर गेंद से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है, जबकि श्रीलंका बोर्ड इस फैसले के खिलाफ अपने खिलाड़ी के समर्थन में आ खड़ा हुआ है। ऑस्ट्रेलिया-दक्षिण अफ्रीका टेस्ट सीरीज के बाद ये पहला मौका है, जब किसी टीम के कप्तान पर गेंद से छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगा है।

चंडीमल को वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन के खेल के बाद गेंद से छेड़छाड़ का दोषी पाया गया है। आईसीसी ने रविवार को अपने ट्विटर अकाउंट पर इस आरोप की पुष्टि की है लेकिन चंडीमल के पक्ष में श्रीलंका बोर्ड के आ जाने से ये मामला तूल पकड़ रहा है। आईसीसी ने कहा, 'श्रीलंका के कप्तान चंडीमल को आईसीसी की आचार संहिता 2.2.9 स्तर के उल्लंघन का दोषी पाया गया है।'

इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के तीसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ, उप-कप्तान डेविड वॉर्नर और टीम के ओपनर कैमरन बैनक्रॉफ्ट पर गेंद से छेड़छाड़ के आरोप लगे थे जिसके बाद इन तीनों खिलाड़ियों पर बैन लगा दिया गया था।


मैच के तीसरे दिन श्रीलंका के खिलाड़ी इन आरोपों के बाद ड्रेसिंग रूम से बाहर ही नहीं आए और तीसरे दिन का खेल दो घंटे देरी से शुरू हुआ। खेल शुरू होने में देरी होने की वजह से अंपायरों ने मेजबान टीम को पेनल्टी के रूप में पांच रन दे दिए।

आईसीसी ने अपने ट्वीट में साथ ही कहा कि इस मामले में आगे की जानकारी भी दी जाएगी हालांकि अभी यह साफ नहीं हुआ है कि इस आरोप के परिणाम क्या होंगे। चंडीमल पर आईसीसी की जिस आचार संहिता 2.2.9 स्तर के उल्लंघन का आरोप लगा है वो गेंद की स्थिति को बदलने से संबंधित है। इस मुद्दे के कारण श्रीलंका ने तीसरे दिन के खेल की शुरुआत देरी से की और टीम ने इस आरोप से साफ इनकार किया है।


श्रीलंका ने 'गेंद से छेड़छाड़' के आरोप के बीच विरोध के साथ तीसरे दिन खेलना जारी रखा। अंपायर अलीम डार और इयान गोल्ड उस गेंद की हालत से संतुष्ट नहीं थे, जिसका उपयोग दूसरे दिन के खेल के आखिर में किया गया था। श्रीलंकाई टीम से कहा गया कि वे उसी गेंद से खेल आगे शुरू नहीं कर सकते और गेंद को बदला जाएगा। इससे नाराज श्रीलंका ने कप्तान चंडीमल की अगुवाई में तीसरे दिन मैदान पर उतरने से इनकार कर दिया था और खेल दो घंटे बाद जाकर शुरू हो पाया।


श्रीलंका पर पांच रन का जुमार्ना लगा और वेस्टइंडीज के खाते में पांच पेनल्टी रन जोड़ दिए गए। मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ, श्रीलंकाई कोच चंडिका हथुरासिंघे और टीम मैनेजर असांका गुरुसिंघा के बीच बातचीत हुई और बातचीत के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ी गेंद बदलने और आगे खेलने के लिए तैयार हो गए।

इस बीच श्रीलंका क्रिकेट ने बयान जारी कर अपने खिलाड़ियों के समर्थन में खुलकर आगे आते हुए कहा, 'टीम मैनेजमेंट ने हमें बताया कि श्रीलंका के खिलाड़ी किसी भी गलत काम में शामिल नहीं हैं।' बोर्ड ने खिलाड़ियों से बातचीत के बाद उन्हें मैदान में उतरने के लिए मना लिया। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों को मैदान में उतरने की सलाह दी है ताकि मैच जारी रहे और खेल भावना बनी रहे। श्रीलंकाई खिलाड़ी विरोध के साथ खेलने को तैयार हो गए। आईसीसी का कहना है कि अगर किसी आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है तो मैच खत्म होने के बाद नियमों के मुताबिक कार्रवाई होगी।

आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज कैमरून बैनक्रॉफ्ट को भी इसी तरह गेंद से छेड़छाड़ का दोषी पाया गया था, जब उन्होंने मार्च में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गेंद पर सैंडपेपर का टुकड़ा रगड़ा था। गेंद से छेड़छाड़ मामले में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कैमरून बैनक्रॉफ्ट को 9 महीने के लिए और कप्तान स्मिथ, ओपनर वॉर्नर को एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया था हालांकि इससे पहले आईसीसी ने इन क्रिकेटरों को कोई कड़ी सजा नहीं दी थी। ऑस्ट्रेलिया की घटना के बाद आईसीसी ने गेंद से छेड़छाड़ को लेकर बैन कड़े करने का फैसला किया था और उसकी क्रिकेट समिति ने इस अपराध को लेवल दो से लेवल तीन ले जाने का फैसला किया था हालांकि अभी नया फैसला लागू नहीं हो पाया है।