जबलपुर। उसने मेरी भतीजी की जिंदगी बर्बाद कर दी। जब वह महज 9 साल की थी तभी उसने उससे कई बार दरिंदगी की। उसके कई महिलाओं से संबंध थे। अब उसकी बुरी नजर अपनी ही छोटी बेटी पर थी। उसकी हत्या नहीं कराती तो वह मेरी बेटी की जिंदगी भी बर्बाद कर देता। राम ने जैसे रावण का वध किया था, वैसे ही मैंने उसका व किया है।


भंवरताल गार्डन के सामने कृतिका अपार्टमेंट में रहने वाले डॉ. शफतउल्ला की 12 जून को हुई हत्या का जुर्म कबूल करते हुए यह खुलासा उसकी पत्नी आयशा खान ने शनिवार को पुलिस अफसरों के सामने किया। आयशा ने अपनी भतीजी और उसके प्रेमी पवन विश्वकर्मा के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। इसके बदले में आयशा ने भतीजी को 5 लाख रुपए और एक फ्लैट देने का वादा किया था।


वहीं, घटना को अंजाम देने के लिए गुजरात के दो बदमाशों को 50-50 हजार रुपए की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने डॉक्टर की हत्या की आरोपित उसकी पत्नी, भतीजी और एक अन्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, हत्या के दूसरे आरोपित और भतीजी के प्रेमी की तलाश में दबिश दी जा रही है।


शव कब्रिस्तान ले जाते वक्त मांगी थी माफी, लेकिन कोई नहीं समझा 


आयशा ने बताया कि जब पति का जनाजा कब्रिस्तान जाने के लिए उठने लगा, तो उसने माफी मांगी और कहा कि 'जैसे राम ने रावण का व किया था, वैसे ही मैंने तुम्हारा व किया मुझे माफ कर दो।" 40 दिन बाद वह खुद ही पुलिस को पूरी बात बताने वाली थी। लेकिन पुलिस को पहले ही पता चल गया।


भतीजी के साथ 9 साल की उम्र में किया दुराचार 


आयशा ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी को 27 साल हो गए हैं। भतीजी जब 9 साल की थी, तब उसके घर में रहने आई थी। इस दौरान मैं गर्भवती थी। भतीजी देखरेख करती थी। एक दिन उसके पति डॉ. शफतउल्ला ने भतीजी के साथ दुराचार किया। इसके बाद भी कई बार दरिंदगी की। इस दौरान उसने इस बात का विरोध किया लेकिन उसे चुप करा दिया गया।


बेटियों से करता था नफरत, 7 बार गर्भपात कराया 


आयशा ने बताया उसके पति डॉ. शफतउल्ला का चरित्र ठीक नहीं था। बेटियों से वह नफरत करता था। दो बेटियां पहले ही हो चुकी थीं। इससे वह नाराज रहता था। वह तीसरी बेटी नहीं चाहता था, इसलिए 7 बार उसका गर्भपात कराया। इसके लिए शहर के अलग-अलग सोनोग्रॉफी सेंटर में उसकी जांच भी कराई थी। 8वीं बार में बेटे की बात पता चली तो बहुत खुश हुआ।


पति को बेटी के कमरे में देखकर भांप गई इरादे 


बेटी पर उसके पति डॉ. शफतउल्ला की गंदी नजर पड़ गई थी। डेढ़ माह पहले जब उसकी नींद खुली, तो पति बेटी के कमरे में था। वहां बेटी अकेले सोती थी। यह देखकर वह सहम गई। इसके बाद उसने बेटी को कहा, तो उसने कहा कि पापा उसे बहुत प्यार करते हैं। इससे वह नाराज हो गई और उसने बेटी को थप्पड़ मारकर कहा कि दरवाजा बंद करके सोया करो। इसी बात को लेकर दूसरे दिन पति से भी झगड़ा हुआ था।


क्या ऐसा कोई है, जो हत्या कर सकता हो 


आयशा ने भतीजी से कहा कि क्या ऐसा कोई है, जो हत्या कर सकता हो। इसके बाद यह प्लानिंग शुरू हुई और तीन माह तक भाड़े के हत्यारे को दोनों तलाशते रहे। इस बीच आयशा ने एक व्यक्ति को फोन लगाकर हत्या करने की बात कही। लेकिन उसने इनकार कर दिया। इसके बाद आयशा ने भतीजी को ही पूरी जिम्मेदारी सौंप दी थी।


गुजरात की फैक्ट्री के गार्ड हत्या के लिए हुए तैयार


आरोपित पवन विश्वकर्मा ने गुजरात में एक फैक्ट्री में गार्ड का काम करने वाले शुजालपुर सीहोर निवासी धीरज और बिसनखेड़ी इच्छावर निवासी राजेंद्र मालवीय और धीरज को इस काम के लिए तैयार किया। इसकी जानकारी आयशा को दी जिस पर आयशा ने चारों को शहर आने के लिए कहा।


12 जून की दोपहर टैगोर गार्डन में मिले 


भतीजी और पवन 12 जून को राजेंद्र व धीरज को लेकर शहर आए। आयशा ने फोन करके चारों को सदर स्थित टैगोर गार्डन में बुलाया। इसके बाद आयशा ने वहां पहुंचकर वारदात की योजना बताई।


प्राइवेट पार्ट काटने की रखी थी शर्त


आयशा ने सभी को प्लान के बारे में समझाया। साथ ही एक शर्त भी रखी। शर्त यह थी कि हत्या के बाद बदमाश उसके पति के प्राइवेट पार्ट का क्षत-विक्षत कर उसे काट देंगे, तभी उसके मन को सुकून मिलेगा। लेकिन घबराहट में हत्यारों ने ऐसा नहीं किया। हत्यारों ने हाथ की नसें काटीं और पेट में चाकू मारकर जेवर नकदी लेकर भाग निकले।


इशारा मिलते ही शुरू की घटना 


पवन अपार्टमेंट के नीचे लगभग 5.30 बजे से खड़ा हो गया था। वह एक चाय की दुकान से घर पर नजर रखे था। शाम 7 बजे इशारा मिलते ही धीरज और राजेंद्र मौके पर पहुंचे। दोनों ने घर में घुसकर धमकाया और डॉक्टर की हत्या कर दी।