हर कपल के लाइफ में एक समय ऐसा जरूर आता है जब उनमें आपस में सेक्स से जुड़े मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाती है और उनके बीच लड़ाई तक हो जाती है। कई बार बेडरूम का यह मनमुटाव इतना बढ़ जाता है कि दोनों पार्टनर एक दूसरे को बर्दाश्त तक नहीं कर पाते। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ज्यादातर सेक्स से जुड़ी प्रॉब्लम्स नॉन सेक्शुअल वजहों से होती है। रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स की मानें तो लॉन्ग टर्म रिलेशन में खासतौर पर कपल्स इस तरह की समस्याओं का सामना करते हैं...

इस प्रॉब्लम का किसी भी रिलेशनशिप पर लंबे वक्त तक असर रहता है। उदाहरण के लिए आपकी सेक्स ड्राइव ज्यादा है और आप सेक्स करना चाहते हैं लेकिन हो सकता है पार्टनर की सेक्स ड्राइव आप से कम हो और आपकी पहल पर वह सही तरह से रिस्पॉन्स न दे। ऐसा होने पर कपल्स के बीच समस्याएं शुरू हो जाती हैं।वैसे कपल्स जिन्होंने अभी-अभी अपनी सेक्स की जर्नी शुरू की है उनके लिए यह बड़ी समस्या बन सकती है। इसे कम्युनिकेशन की कमी कहें या फिर सदियों से चली आ रही मानसिकता... किस पार्टनर को कब और कितनी बार सेक्स की पहल करनी चाहिए इस बारे में कभी बात नहीं होती। इनिशिएटिव न लेना यानी पहल की कमी को आपका पार्टनर सेक्स में दिलचस्पी न होना भी मान सकता है जिससे बाद में लाइफ में समस्याएं शुरू हो जाती हैं।

सेक्स के प्रति दोनों पार्टनर का नजरिया कैसा है इसमें भी भिन्नता हो सकती है। उदाहरण के लिए, हो सकता है कि आप किसी नई चीज के साथ एक्सपेरिमेंट करना चाहते हों या फिर अडवेंचर के लिए कुछ नया ट्राई करना चाहते हों, लेकिन आपका पार्टनर इमोशनल लेवल पर ज्यादा फोकस करता हो तो यह आप दोनों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।

बहुत से कपल्स ऐसे होते हैं जो ऐक्चुअली में सेक्स करने से पहले उसके बारे में इतना कुछ पढ़ लेते हैं कि उनके मन में पहले से बहुत सारे मिथ यानी भ्रांतियां रहती हैं। उदाहरण के लिए, हो सकता है एक पार्टनर ऑरल सेक्स करना चाहता हो लेकिन दूसरे पार्टनर के मन में ऑरल सेक्स को लेकर पहले से कई भ्रांतियां हैं। या फिर दोनों पार्टनर में से कोई एक पीरियड सेक्स को सेहत के लिए हानिकारक मानता है जबकि दूसरा इसमें इंट्रेस्टेड है।