हमें अक्सर खबरों या आस-पड़ोस में ऐसी बात पढ़ने-सुनने को मिल जाती है कि फलां व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। ऐसा नहीं है कि आत्महत्या केवल आर्थिक रूप से परेशान लोग ही करते हैं। संपन्न परिवारों के लोग भी इस तरह के हादसे का शिकार होते हैं। वास्तु गुरु कुलदीप सलूजा की पुस्तक ‘संपूर्ण साइंटिफिक वास्तु’ के अनुसार घर में कुछ ऐसे वास्तु दोष होते हैं, जो व्यक्ति द्वारा आत्महत्या का कदम उठाने के लिए परिस्थितियां निर्मित करते हैं….

जिस घर की पूर्व दिशा में मुख्य द्वार हो और चारदीवारी के अग्नेय कोण की पूर्व दिशा में एक और द्वार हो या जिस घर की ईशान दिशा कट गई हो और वायव्य में कुंआ या पानी स्रोत हो तो ऐसे परिवार के लोग खुदखुशी का कदम उठा सकते हैं।

अगर घर के नैऋत्य (प्लॉट के पश्चिम-दक्षिण का हिस्सा) में पश्चिम की तरफ ढलान, नीचा स्थान या नैऋत्य की दक्षिण दिशा में दरवाजा हो, ऐसे घर में रहनेवाला कोई सदस्य आत्महत्या का कदम उठा सकता है।

नैऋत्य कोण घर के ईशान कोण की तुलना में नीचा हो या इस कोण में भूमिगत पानी का स्रोत हो तो घर में खुदखुशी, दीर्घ बीमारी और आकस्मिक मृत्यु के योग बनते हैं।

घर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा में हो और कंपाउंड वॉल में अग्नेय कोण में द्वार हो और घर का ईशान कोण कट गया हो तो ऐसे घर में रहनेवाले लोग बदनामी, जेल, ऐक्सिडेंट या खुदखुशी के शिकार होते हैं।

नैऋत्य ब्लॉक में स्थित घर का ईशान कोण कट जाता है या उत्तर और पूर्व की सड़कों के कारण अगर उस घर का ईशान कोण कट जाता है साथ ही नैऋत्य कोण किसी प्रकार से नीचा हो तो ऐसे घर में रहनेवाले लोग आर्थिक रूप से संपन्न होने पर भी रिश्तों को वैल्यू नहीं देते।