छत्तीसगढ़ पुलिस की एसआईबी ने माओवादियों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के सदस्य अभय देवदास नायक को गिरफ्तार किया है. आरोपी अभय की गिरफ्तारी पुलिस व सुरक्षा बलों के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है. पुलिस ने खुलासा किया है कि महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव की हिंसा से भी आरोपी अभय के तार जुड़े हैं.


पुलिस के मुताबिक अभय देवदास नायक नायक उर्फ लोड्डा को विकल्प व अन्य नामों से भी जाना जाता है. कर्नाटक के बेंगलुरु के रहने वाले अभय पर पूरे देश मे सोशल मीडिया के माध्यम से माओवादी विचारधारा को फैलाने का आरोप है. इतना ही नही भीमा कोरेगॉव की हिंसा फैलाने के आरोप में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए शहरी माओवादियों से अभय के करीबी संबंध भी बताए जा रहे हैं.


छत्तीसग़ढ पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि अभय दक्षिण एशिया के सबसे बड़े माओवादी संघठन कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ माओइस्ट पार्टी एंड आर्गेनाईजेशन ऑफ साउथ एशिया (कम्पोसा) का सदस्य भी है. छत्तीसगढ़ नक्सल आॅपरेशन के डीजी डीएम अवस्थी ने बताया कि अभय भीमा कोरेगांव की हिंसा के बाद से यूरोप भी गया था, जिसके बाद छ्त्तीसगढ़ पुलिस ने अभय को लेकर एक लुक आउट नोटिस जारी किया था. इसी के बाद अभय को यूरोप से लौटने के बाद बीते 1 जून को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया था.


डीएम अवस्थी ने बताया कि भीमा कोरेगांव की घटना को लेकर पुणे पुलिस ने माओवादियों के जिस शहरी नेटवर्क में गिरफ्तार किया है, उनसे अभय नायक के संबंध हैं. विदेश जाने से पहले अभय भीमा कोरेगांव गया था. इतना ही नहीं माओवादियों के शहरी नेटवर्क और बड़े लीडर से भी आरोपी के सीधे संबंधों की जानकारी मिली है.फंडिंग की जांच

पिछले 2 वर्षों में अभय 18 माओवाद और आतंकवाद प्रभावित देशों का दौरा कर चुका है. अब छत्तीसगढ़ एसआईबी जांच कर रही है कि अभय को विदेश यात्रा और देश मे शहरी मूवमेंट चलाने के लिए फंडिंग कहां से हुई. गिरफ्तार शहरी माओवादी अभय खुद को स्वतंत्र पत्रकार बता रहा है. पुलिस के मुताबिक गिरफ्त में आये अभय नायक के सीने में ऐसे कई राज छुपे हैं, जिनके खुलने के बाद देश और विदेश में फैले माओवाद नेटवर्क का पता चल सकता है.