क्या आप भी पॉर्न फिल्में देखने के बाद खुद से यह सवाल पूछते हैं कि जब यह ऐसा कर सकता है तो मैं क्यों नहीं? क्या मैं नॉर्मल नहीं हूं? तो जवाब यह है कि आप बिलकुल नॉर्मल हैं लेकिन पॉर्न फिल्मों में दिखायी जाने वाली चीजें पूरी तरह से सच नहीं होती। इन फिल्मों में दिखाए जाने वाले मूव्स और ऐकशन्स हमेशा रियल नहीं होते और इन्हें अपनी सेक्स लाइफ की कॉपी करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए वरना आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है... 

ऑरल सेक्स के दौरान मोटर बोट 

ऑरल सेक्स को आराम से और धीरे-धीरे करना चाहिए ताकि आपको और पार्टनर दोनों को किसी तरह की तकलीफ भी न हो और ऑर्गैज्म भी महसूस हो लेकिन पॉर्न फिल्मों में अक्सर सेक्सी साउंड इफेक्ट्स के साथ उसे मोटर बोट स्टाइल में रफ अंदाज में करते हुए दिखाया जाता है। अगर आप इस मूव को रियल लाइफ में कॉपी करने की कोशिश करेंगे तो हो सकता है इसका नतीजा उल्टा हो जाए। 

डबल फिंगर पाइल 

पॉर्न मूवी में अक्सर दिखाया जाता है कि फीमेल पार्टनर को उत्तेजित करने के लिए मेल पार्टनर डबल फिंगर का इस्तेमाल करता है जिसके बाद फीमेल एक्साइटमेंट में कराहने लगती है लेकिन यह मूव अगर रियल लाइफ में कॉपी किया जाए तो हो सकता है आपकी पार्टनर एक्साइटमेंट की बजाए दर्द में चिल्लाने लगे। फिंगरिंग तभी अच्छा लग सकता है जब उसे समय देकर आराम से किया जाए। 


10 सेकंड फोरप्ले 

महिलाएं महज 10 सेकंड में ऑर्गैज्म महसूस नहीं करती हैं। इसमें हैरान होने वाली बात नहीं क्योंकि अगर पॉर्न फिल्में देखने के बाद आपने भी सोचा कि रफ किसिंग और बाइटिंग के जरिए महज 10 सेकंड में आप अपनी पार्टनर को ऑर्गैज्म महसूस करवा देंगे तो आपको पॉर्न फिल्में देखना बंद कर देना चाहिए क्योंकि इसके लिए आपको मेहनत करनी पड़ेगी। 

शावर सेक्स 

फिल्मों में शावर सेक्स को जितना सेक्सी और रोमांटिक दिखाया जाता है रियल लाइफ में यह उतना आसान नहीं है क्योंकि बाथरूम में नहाते वक्त सेक्स किया जाए तो स्लिप होकर गिरने और चोट लगने की आशंका रहती है। लिहाजा शावर के दौरान पार्टनर संग नॉटी हरकतें करना ठीक है लेकिन मेन ऐक्ट के लिए बेडरूम का ही रुख करें।