इंदौर। एमवाय अस्पताल में अव्यवस्था कम होने का नाम नहीं ले रही है। अधिकतर वार्ड में बने डेमॉन्स्ट्रेशन रूम को बतौर स्टोर रूम इस्तेमाल किया जा रहा है। दवाएं बरामदे में रख दी गई हैं। धूप और बारिश से इनके खराब होने का अंदेशा बना हुआ है।


अस्पताल के हर वार्ड में स्टोर रूम के साथ ही नर्सिंग स्टाफ व डेमॉन्स्ट्रेशन रूम की व्यवस्था की गई है लेकिन चौथी


और पांचवीं मंजिल पर कमरे कम होने के कारण दवाइयां खुले में या पेंट्री में रखी जा रही है। हालात ये हैं कि वार्ड नंबर 20 के अंदर ही दवाइयों के बक्से रखे जा रहे हैं। नर्सिंग स्टाफ के बैठने की जगह को दवा भंडार बना दिया गया है।


बरामदे में रखी अलमारी का पिछला हिस्सा टूटा होने से कागज लगा दिए गए हैं। खिड़की में कांच नहीं होने से


बारिश के पानी से दवाएं खराब होने की आशंका है। चौथी मंजिल पर बनाए गए बोन मैरो यूनिट के सामने बनी पेंट्री को दवा रखने के लिए स्टोर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। मरीज के परिजन के आने व पानी का उपयोग करने से यहां नमी रहती है।


सालों से बंद हैं कमरा


कायाकल्प में लाखों खर्च करने के बाद भी हालातों में ज्यादा सुधार नहीं है। जिस रूम में नर्स व स्टाफ को बैठने के


लिए व्यवस्था की गई है, वहां कूलर तो दूर पंखे तक पूरे नहीं लगे हैं। सबसे ज्यादा बुरा हाल चौथी व पांचवीं मंजिल


का है, जबकि बोन मैरो यूनिट बनाने में इस वार्ड में सबसे अधिक राशि खर्च की गई है। अस्पताल में 15 से ज्यादा ऐसे कमरे हैं जिनकी मरम्मत नहीं हो पाई है। इस कारण ये सालों से बंद हैं। कायाकल्प के दौरान भी ये कमरे अछूते रहे। वार्ड के अंदर बने डेमो रूम में टूटे कांच तक नहीं बदले गए।


मरम्मत कराएंगे


यदि दवाएं डेमॉन्स्ट्रेशन रूम में खुले में रखी जा रही हैं और खराब होने की आशंका है तो स्थान बदला जाएगा। कांच और पंखे लगवाने के लिए निरीक्षण कर पीडब्ल्यूडी से चर्चा की जाएगी - डाॅ. वीएस पॉल, अधीक्षक, एमवायएच इंदौर