मुजफ्फरनगर मिरानपुर में एक डॉक्टर को महिला के साथ कथित तौर पर लगातार बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मिरानपुर पुलिस थाने के प्रभारी मनोज चौधरी ने बताया कि आरोपी ने घटना का वीडियो बना लिया था जिससे वह कैथोरा गांव की पीड़िता को ब्लैकमेल करता था। 


आरोपी साजिद हसन को कल गिरफ्तार कर लिया गया। पीड़िता की शिकायत के अनुसार हसन ने एक साल पहले उसका बलात्कार कर घटना की वीडियो बना ली थी, जब वह चिकित्सीय जांच के लिए उसकी क्लीनिक गई थी। 


उसके अनुसार आरोपी तभी से सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने की धमकी देते हुए 38 वर्षीय पीड़िता को ब्लैकमेल कर रहा था। पिछले सप्ताह , जिले में ऐसी ही एक अन्य घटना में बुढ़ाना से एक डॉक्टर को 11 वर्षीय मरीज का कथित तौर पर यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।


महिला IAS अधिकारी ने अपने सीनियर ऑफिसर पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप


हरियाणा सरकार के पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अफसर पर एक महिला आईएएस अधिकारी ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। गाजियाबाद में महिला अधिकारी ने मीडिया से कहा कि वरिष्ठ अफसर द्वारा छह जून को कंप्यूटर कार्य के बहाने अपने दफ्तर में बुलाया गया और फाइलों के नोटिंग आदि के बहाने करीब दो घंटे रोककर शोषण किया। हालांकि अतिरिक्त मुख्य सचिव ने महिला अधिकारी द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन किया है।


28 वर्षीय महिला आईएएस हरियाणा पशुपालन विभाग में तैनात हैं। उन्होंने एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पर गंभीर आरोप लगाए। महिला आईएएस अधिकारी ने रविवार शाम करीब पांच बजे गाजियाबाद के नेहरूनगर तृतीय में अपने भाई के आवास पर पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि वह 9 मई 2018 से वह हरियाणा सरकार के पशुपालन विभाग में चंडीगढ़ में तैनात हैं।


उन्होंने पशुपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पर आरोप लगाते हुए कहा कि 18 मई, 21, 31 मई और 6 जून को उच्चाधिकारी ने उसे अपने दफ्तर में बुलाया। कंप्यूटर कार्य के साथ कुछ फाइलों पर नोटिंग के बारे में अनावश्यक डांटा और घंटों बैठाकर शोषण किया। हालांकि यौन शोषण संबंधी किसी भी घटना विशेष का उन्होंने उल्लेख नहीं किया।


फेसबुक पर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए पोस्ट डाला। उधर, अतिरिक्त मुख्य सचिव ने फोन पर बातचीत में सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि महिला आईएएस अधिकारी उनकी बेटी की उम्र की है। जूनियर होने के नाते कार्यालय में कामकाज के सिलसिले में उसे समझाया था। इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा था।