लंदन सुपरवुमन का जिक्र एक ऐसी महिला के लिए किया जाता है जो न सिर्फ देखने में आकर्षक हो, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में निपुण और सफल हो। एक ब्रिटिश विशेषज्ञ ने भी एक सुपरवुमन बनाने का दावा किया है, जो प्रचलित सोच से बिल्कुल अलग है। सुपरवुमन का यह 3डी मॉडल ब्रिटिश एनाटोमिस्ट, ऑस्टियोआर्कियोलॉजिस्ट और पैलियोपैथोलॉजिस्ट एलिस रॉबर्ट्स ने बनाई है। एलिस यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम में पब्लिक इंगेजमेंट इन साइंस विभाग में प्रोफेसर हैं। 


दिखती है द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स के किरदार जैसी

एलिस की सुपरवुमन दिखने में हॉलीवुड फिल्म 'द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स' के किरदार जैसी है। एलिस ने इसका निर्माण करते समय कई सारी प्रजाति की विशेषताओं को ध्यान में रखा है। साथ ही उन्होंने इंसान के सामने आने वाली चुनौतियों को भी अपने इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाया है। उनके मुताबिक अगर कोई ऐसी प्रजाति धरती पर जन्म लेती है, तो हर तरह की परिस्थिति को झेलने में सक्षम होगी।


शारीरिक सौंदर्य की परिभाषा में नहीं होती फिट

एलिस की बनाई यह सुपरवुमन शारीरिक सुंदरता की परिभाषा में फिट नहीं बैठती है। इसके कान चमगादड़ के जैसे हैं, मेढक की तरह त्वचा है, पंजे चिडि़या के जैसे हैं और कंगारू की तरह पेट में थैली बनी हुई है। यह प्रजाति कई तरह की समस्याओं से निपटने में सक्षम होगी। 

एलिस की बनाई सुपरवुमन को चमगादड़ जैसे कान की वजह से बहरेपन की शिकायत नहीं होगी। उसे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा नहीं होगा क्योंकि एलिस के बनाए मॉडल के हृदय में सामान्य इनसान के मुकाबले अधिक धमनियां हैं। इसके अलावा पंजों की बनावट चिडि़या की तरह होने के कारण उसके गिरने या अनियंत्रित होने का खतरा नहीं होगा। फेफड़े बिना किसी परेशानी के लंबे समय तक पूरी तरह से सक्षम रहेंगे और आंखों में रोशनी जाने का खतरा नहीं होगा। इसकी त्वचा सांप के जैसी है, जो अल्ट्रावॉयलेट किरणों के बुरे असर को शरीर को नुकसान पहुंचाने से रोकती है।


बीबीसी 4 के कार्यक्रम में 13 तारीख को पेश करेंगी मॉडल

एलिस अपनी सुपरवुमन का मॉडल बीबीसी 4 के कार्यक्रम 'कैन साइंस मेक मी परफेक्ट' में लंदन के साइंस म्यूजियम में पेश करेंगी। यह कार्यक्रम डेढ़ घंटे का होगा और इसमें वह अपने मॉडल के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगी।


एक चुनौती के जवाब में एलिस ने बनाई सुपरवुमन

साइंस म्यूजियम में एक्सटर्नल अफेयर्स के निदेशक रॉजर हाईफील्ड ने एलिस को चुनौती दी थी। उन्होंने पूछा था कि इनसान के शरीर को प्रकृतिक में मौजूद सबसे बेहतरीन चीजों को समाहित कर बेहतर बनाया जा सकता है। इसके जवाब में उन्होंने प्रकृति में मौजूद विभिन्न जीवों की विशेषताओं को इंसान के शरीर में शामिल कर अपने प्रतिकृति के तौर पर मॉडल बनाया। इस प्रोजेक्ट के जरिए उन्होंने कला और विज्ञान का संगम पेश किया।


मॉडल बनाने में मददगार बने दो विशेषज्ञ

एलिस का 3डी मॉडल बनाने में मदद की एनाटॉमिकल अर्टिस्ट स्कॉट ईटन और स्पेशल इफेक्ट्स मॉडल मेकर संगीत प्रभाकर ने।