पटना राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव आज अपना 71वां जन्मदिन मना रहे हैं, लेकिन जन्मदिन से पहले ही लालू परिवार से ऐसी खबर आई जिसने हर किसी को चौंका दिया. लालू पुत्र तेजस्वी और तेजप्रताप के बीच मनमुटाव की खबरों ने अचानक जोर पकड़ा. लेकिन जिस वजह से ये विवाद बताया जा रहा था अब उसमें बड़े बेटे तेजप्रताप यादव की बात कुछ हद तक मान ली गई है.


तेजप्रताप के करीबी राजेंद्र पासवान को पार्टी का जनरल सेकेट्ररी बना दिया गया है. इससे पहले बताया जा रहा था कि तेजप्रताप राजेंद्र पासवान को प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहते थे, जिसको लेकर विवाद शुरू हुआ था.


तेजप्रताप ने की लालू से बात


इस बीच तेजप्रताप ने कहा कि मैंने इस बारे में अपने पापा को बताया, तो उन्होंने कहा कि जो तुम्हारी बात है वो भी एक तरह से सही है. जो भी पार्टी में ये लोग कारनामा कर रहे हैं हम उनको देखेंगे. दूसरी तरफ राबड़ी देवी ने भी कहा है कि पार्टी और परिवार में सबकुछ ठीक है, कोई भी विवाद नहीं है. 

क्या था तेजप्रताप का बयान?


दरअसल, दोनों भाइयों के बीच सब कुछ ठीक नहीं है. इस बात का पता शनिवार सुबह ही लग गया था, जब तेज प्रताप यादव ने एक ट्वीट किया था. इसमें उन्होंने खुद को कृष्ण और तेजस्वी को अर्जुन बताया था. इस ट्वीट में तेज प्रताप ने कहा, 'मेरा सोचना है कि मैं अर्जुन को हस्तिनापुर की गद्दी पर बैठाऊं और खुद द्वारका चला जाऊं. अब कुछेक चुगलखोरों को कष्ट है कि कहीं मैं किंग मेकर न कहलाऊं.'


ट्वीट के बाद वायरल हुआ था वीडियो


ट्वीट के बाद तेज प्रताप का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वो इस बात को लेकर नाराज दिख रहे हैं कि पार्टी में उनकी कोई नहीं सुन रहा है. इस वायरल वीडियो में तेज प्रताप यादव आरजेडी नेता राजेंद्र पासवान की बात कर रहे हैं, जो दलित समाज से आते हैं. वो राजेंद्र राम को पार्टी में सम्मानजनक पद देने की बात कर रहे हैं. साथ ही यह शिकायत कर रहे हैं कि उनकी इस मांग की पार्टी के द्वारा अनदेखी की जा रही है.


नहीं सुन रहा कोई मेरी बात


इस वायरल वीडियो में तेज प्रताप यादव आरजेडी के अंदर कुछ असामाजिक तत्वों की एंट्री की बात कह रहे हैं, जो पार्टी को न केवल कमजोर कर रहे हैं, बल्कि उन्हें तेजस्वी के साथ लड़वाने की कोशिश कर रहे हैं. तेज प्रताप इस वीडियो में शिकायत कर रहे हैं कि अगर वो किसी भी नेता को फोन करते हैं, तो कोई रिस्पांस नहीं देता है. तेज प्रताप वीडियो में पार्टी के अंदर अनुशासनहीनता की भी बात कहते हैं.

मामले को बढ़ता देख तेजस्वी यादव ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा कि उनका उनके भाई के साथ कोई झगड़ा नहीं है. उन्होंने कहा कि वो मेरे बड़े भाई हैं और मार्गदर्शक हैं. बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी ने कहा कि तेज प्रताप की जो भी शिकायतें हैं उसे उचित फोरम पर बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाएगा. हालांकि तेजस्वी ने इस बात से इनकार किया है कि तेज प्रताप की बातों को पार्टी में नजरअंदाज किया जाता है.


ये थी विवाद की जड़!


सूत्रों की मानें तो आरजेडी के अगले प्रदेश अध्यक्ष को लेकर तेज प्रताप और तेजस्वी यादव में ठन गई थी. तेज प्रताप एक तरफ जहां राजेंद्र पासवान को पार्टी का अगला प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहते हैं, वहीं तेजस्वी यादव पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के पक्ष में है.