भोपाल  'उगता सूरज" नाम से राजनीतिक पार्टी के पंजीयन में देरी पर सामान्य, पिछड़ा, अल्पसंख्यक वर्ग समाज संस्था (सपाक्स) ने राज्य में पहले से पंजीकृत राजनीतिक पार्टी के चिन्ह पर सभी 230 विधानसभा सीटों से प्रत्याशी उतारने की रणनीति बना ली है। संस्था ने छह बिंदुओं पर संबंधित पार्टी से समझौता कर लिया है, जिसकी घोषणा 17 जून को नर्मदा मंदिर भोपाल में होगी।


पार्टी और संस्था ने संयुक्त सम्मेलन आयोजित किया है। इसमें प्रदेशभर से पार्टी के नेता और संस्था के पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं। प्रदेश में सामान्य, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग की उपेक्षा और सरकार द्वारा आरक्षित वर्ग को खुश करने की स्थितियों को देखते हुए संस्था ने अपनी रणनीति बदल दी है। संस्था नई पार्टी बनाकर चुनाव में कमजोर नहीं पड़ना चाहती। बल्कि प्रदेश में पिछले 2 या 3 विस चुनाव से सक्रिय राज्य स्तरीय पार्टी के चुनाव चिन्ह पर सामान्य, पिछड़ा, अल्पसंख्यक वर्ग के मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ेगी। इसे लेकर संस्था के पदाधिकारियों की प्रदेश के आधा दर्जन राजनीतिक दलों से चर्चा हुई है। इसमें से एक दल और संस्था के साथ सहमति बन गई है। किस राजनीतिक दल से समझौता हुआ है। इस पर संस्था के पदाधिकारी अभी पत्ते नहीं खोल रहे हैं।


इस तरह बनेगी रणनीति, सभी को साझा मंच पर लाएंगे -


सूत्र बताते हैं कि संबंधित राजनीतिक दल और संस्था के पदाधिकारी संयुक्त बैठक कर तय करेंगे कि किस सीट से किसको खड़ा करना है। जहां जिसका जोर होगा, वहां उसी का प्रत्याशी खड़ा किया जाएगा। दोनों दल आरक्षित और अनारक्षित वर्ग को लेकर सरकार की नीति के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगे। सपाक्स समाज संस्था के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त आईएएस अफसर हीरालाल त्रिवेदी का कहना है कि 17 जून को संस्था की कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। उसी में तय होगा कि क्या करेंगे। वे कहते हैं कि प्रदेश में राज्य स्तरीय नए और पुराने दल हैं। सभी को साथ लेकर चलेंगे।


इन मुद्दों पर हुआ समझौता-


पदोन्न्ति में आरक्षण खत्म कराने।


आर्थिक आधार पर आरक्षण देने।


आरक्षण का लाभ किसी को भी दोबारा न देने।


शिक्षा में जातिगत आधार पर भेदभाव न खत्म करने।


एट्रोसिटी एक्ट को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देशों को ईमानदारी से लागू कराने।


संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए।


प्रदेश में सक्रिय राज्य स्तरीय राजनीतिक दल-


भारतीय जनता पार्टी मोर्चा, सतना।


क्रांति जनशक्ति पार्टी, भोपाल।


अधिकार विकास पार्टी, रीवा।


अहिंसा समाज पार्टी, छिंदवाड़ा।


भारतीय जनसंपर्क पार्टी, जबलपुर।


मप्र जन विकास पार्टी, जबलपुर।