आलिया भोपाल में अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी रह रही थी. 19 साल की आलिया कॉलेज में दाखिला ले चुकी थी और दूसरी तरफ उसकी शादी की बातें शुरू हो चुकी थीं. परिवार ने जो लड़का उसके लिए पसंद किया था वह दुबई में बड़ा बिज़नेसमैन था. दुबई में रहना आलिया का ख़्वाब बन गया था और हकीकत बनने वाली थी दुबई से किसी भी तरह भागकर आलिया का भारत लौट पाना.


साल 2002 में भोपाल की आलिया कॉलेज में पढ़ रही थी तभी उसके डॉक्टर पिता ने एक परिवार में रिश्ते की बात शुरू की. आलिया की बड़ी बहन सऊदी अरब में शादी के बाद अपने पति के साथ सैटल थी. भोपाल में आलिया दिमागी तौर पर कमज़ोर अपनी एक बड़ी बहन और एक छोटी बहन के साथ माता-पिता के साथ रहती थी. उसके डॉक्टर पिता भोपाल में प्रतिष्ठित थे.


भोपाल में रहने वाले एक मुस्लिम परिवार का संपर्क मिला, जिसमें एक महिला और उनकी एक बेटी थी जो आलिया की उम्र की ही थी. उनका 26-27 साल का बेटा रईस दुबई में बड़ा बिज़नेसमैन था. रईस के फोटो दिखाने के बाद परिवार में बात आगे बढ़ी. रईस कुछ ही दिनों में रिश्ते की बातचीत के सिलसिले में दो दिन के लिए भोपाल आया. आलिया के साथ मुलाकात हुई और हैंडसम रईस के साथ थोड़ा सा वक्त बिताकर आलिया को अच्छा लगा.


आलिया ने अपने पिता से कह दिया कि उसे लड़का पसंद है और जैसा वह ठीक समझें, आगे बात करें. आगे बातचीत की गई और कुछ ही दिनों में रिश्ता पक्का हो गया. आलिया बहुत खुश और उत्साहित थी. अपनी सहेलियों से जब बात करती तो वह अपनी खुशी और उमंगों को छुपा नहीं पाती. बड़े फख्र से बताती कि अब वह दुबई में जाकर बस जाएगी और कभी-कभी मिलने आया करेगी.


इधर, शादी की तैयारियां शुरू हुईं और उधर आलिया फोन पर रईस के साथ लंबी-लंबी बातें करती रहती. अपनी सहेलियों को बताती कि आज रईस ने उसके लिए यह तोहफा भेजा तो कल यह गिफ्ट भिजवाई. रईस उसे दुबई के अपने आॅफिस और आलीशान घर में क्लिक की हुई तस्वीरें भी भेजता जो आलिया खुश होकर सहेलियों को दिखाती. अब खूबसूरत आलिया शादी की तैयारियों के लिए अपने शरीर की देखभाल में जुटने लगी और ज़्यादा खूबसूरत होने की तमाम कोशिशें करने लगी.


आलिया की शादी के लिए भोपाल की एक महंगी और प्रतिष्ठित जगह बुक की गई. लगभग शाही दावत का इंतज़ाम किया गया. और वह दिन आ गया जब निकाह पढ़ा जाना था. निकाह हुआ और आलिया भोपाल में अपनी ससुराल चली गई. दो-चार में ही उसके वीज़ा और दस्तावेज़ तैयार हो गए और वह रईस के साथ दुबई रवाना हो गई. दुबई में आलीशान घर में पहुंचकर आलिया खुद को लकी समझती थी.


उस बड़े से घर की बालकनी से अक्सर अमीर शेख और पठान आते-जाते दिखते थे. रईस अक्सर आलिया के साथ उसी बालकनी में बैठकर चाय-नाश्ता करता या उसे बातें भी करनी होतीं तो उसी बालकनी में खड़े होकर करता. बहुत कम दिनों में ही उस बालकनी की तरफ देखने वाले लोगों के चेहरों पर गलत एक्सप्रेशन्स देखकर आलिया ने उस बालकनी में ज़्यादा देर रहने से मना किया और रईस से कहा कि घर में और भी तो जगहें हैं, लेकिन रईस ने टालते हुए सब ठीक होने का भरोसा दिला दिया.

दो-तीन हफ्ते ही गुज़रे थे कि रईस के बालों का रंग उड़ने लगा और लगातार किए जाने वाले मेकअप के पीछे छुपा रईस का चेहरा भी सामने आने लगा. आलिया का दिल बैठ गया जब उसे पता चला कि रईस की असली उम्र 40 पार है. अपने से दोगुनी उम्र के आदमी के साथ शादी हो जाने की उलझन को वह जैसे-तैसे सुलझा पाती कि आलिया पर एक और राज़ खुला कि रईस कोई रईस बिज़नेसमैन नहीं है. बहुत मामूली सैलरी वाली नौकरी करता है. आलिया की परेशानी बढ़ गई थी.


आलिया की एक और परेशानी यह हो गई थी कि दुबई का यह इलाका उसके लिए बिल्कुल अनजान था और रईस ने घर से फोन कनेक्शन हटवा दिया था तो वह अपने मायके से किसी तरह संपर्क नहीं कर पा रही थी. इस बीच, आलिया ने उस घर के आसपास रहने वाली महिलाओं से जान-पहचान बढ़ाना शुरू की. रईस ने आलिया को ऐसा करने से मना भी किया लेकिन आलिया नहीं मानी.


रईस को आलिया की ये हरकतें देखकर समझ आ गया कि आलिया को शक तो हो चुका है इसलिए अब वह भी जल्दबाज़ी करने लगा. रईस एक दिन आलिया को अपने आॅफिस ले गया इस दिलासे पर कि वह पढ़ी लिखी है तो उसे भी कोई जॉब मिल सकता है. आलिया को यह ठीक विकल्प लगा तो वह चली गई. उस आॅफिस में तमाम आदमियों की नज़रें आलिया को गलत मालूम हो रही थीं.


और वह रेड लाइट एरिया में थी!


आॅफिस से लौटते ही आलिया ने वहां कोई भी काम करने से इनकार किया तो रईस ने डांटने के बाद उससे कहा कि उसका बॉस बहुत पहुंच और दौलत वाला आदमी है. अगर आलिया उसके साथ काम करे तो बहुत पैसे मिल सकते हैं. इस बात जब आलिया के इनकार के कारण बहस हुई तो रईस खुलकर सामने आया और बोला कि उसने यह शादी इसलिए की है ताकि आलिया उसे पैसे कमाकर दे सके.


अब आलिया के पैरों तले से ज़मीन खिसक चुकी थी, सारे सपने टूट चुके थे. रोने के अलावा आलिया के पास उस वक्त कोई जवाब नहीं था. इसके बाद रईस ने उसके साथ ज़बरदस्ती करना शुरू किया. पहले बालकनी में आलिया को जबरन खड़ा करता और कहता कि आने-जाने वाले आदमियों को वह पटाए. तो कभी अपने बॉस के सामने आलिया के शरीर की नुमाइश करवाता.

आलिया इस मुश्किल से बचने का रास्ता खोज रही थी और रईस उसे जल्द से जल्द इस्तेमाल करने की तरकीब. झगड़े बढ़ते जा रहे थे. एक दिन हुई ऐसी ही बहस के बाद रईस ने ज़बरदस्ती करते हुए आलिया को गाड़ी में बिठाया. तेज़ रफ्तार में गाड़ी चलाई और एक जगह गाड़ी रोककर आलिया को जबरन उतार दिया और वहां से चला गया. आलिया ने देखा कि वह रेड लाइट एरिया के बीच खड़ी हुई थी और हर नज़र उसे घूर रही थी. अपना मुंह छुपाकर किसी तरह वहां से वापस घर पहुंची.


एक मददगार मिली


इसके बाद लड़ाई और झगड़ों का सिलसिला शुरू हुआ. रईस आए दिन आलिया को बेच देने की धमकी देकर मारपीट करता और उसे वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर करता. एक दिन रईस की गैरमौजूदगी में मौका पाते ही आलिया ने पड़ोस में रहने वाली एक महिला यानी रुखसार आपा को अपनी पूरी हालत बताई और मिन्नतें कीं कि वह उसे किसी भी तरह बचा ले.

आलिया की किस्मत यहां खराब नहीं थी और रुखसार ने उसकी मदद करने का भरोसा दिलाया. रुखसार ने गुपचुप ढंग से कुछ ही दिनों में आलिया के लिए तमाम इंतज़ाम करवा दिए. रुखसार के गले लगकर और बहुत सी दुआएं देकर उस दिन आलिया छुपती छुपाती एयरपोर्ट पहुंची और दिल्ली की फ्लाइट पकड़ी. जब तक फ्लाइट ने उड़ान नहीं भरी, आलिया को यही डर लग रहा था कि कोई पीछे से आकर उसे पकड़ न ले.


लंबे इलाज के बाद नये सिरे से शुरुआत


दिल्ली से भोपाल पहुंचकर आलिया ने अपनी पूरी कहानी सुनाई तो फौरन रईस की मां को पकड़वाने के लिए उसके पिता निकले लेकिन उस पते पर कोई नहीं था. वह महिला और उसकी बेटी सब गायब हो चुके थे. बेहद शारीरिक और मानसिक तकलीफ झेल चुकी आलिया अपनी यादों और अनुभवों से भीतर तक घायल हो चुकी थी. लंबे समय तक उसका इलाज चलता रहा.


हालत सुधरने के बाद आलिया ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की और फिर स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में उसका जॉब भी लगा. इस पढ़ाई और जॉब में उसकी मदद उसके एक कज़िन ने की. कुछ साल बाद आलिया की शादी उस कज़िन से हो गई. अपनी कहानी सुनाते हुए आलिया कहा करती थी -


मुझ जैसी और भी कितनी लड़कियां होंगी लेकिन मेरे हालात शायद उनसे कम खराब रहे होंगे और मेरी हिम्मत उनसे कुछ ज़्यादा रही होगी, इसलिए मैं बचकर वापस आ सकी. उन लड़कियों के साथ क्या होता होगा और रुखसार आपा के साथ न जाने क्या हुआ होगा? उस डरावने माहौल को सोचकर ही रूह कांप जाती है.

इस पूरे अनुभव से गुज़रने के बाद आलिया बहुत कम बोलने लगी, सोशल मीडिया से गायब और सिर्फ खास लोगों से ही मिलती-जुलती. वह एक तरह से खुद में ही कैद होकर रह गई. एक छोटी सी दुनिया में खुद को महफूज़ मानकर जीने लगी आलिया से इसलिए कुछ समय से संपर्क नहीं है. वास्तविक नामों का उल्लेख न करने की शर्त पर यह कहानी आलिया की करीबी सहेली रहीं मध्य प्रदेश निवासी दीक्षा मनीष ने न्यूज़ 18 से खास तौर पर साझा की.


गौरतलब है कि अरब देशों में भारत के कई इलाकों से लड़कियों को शादी के नाम पर वेश्यावृत्ति के धंधे में धकेले जाने की कहानियां लंबे समय से चर्चा में रही हैं लेकिन अब तक यह सिलसिला खत्म नहीं हुआ है. कभी गरीबी के कारण लड़कियों का बाकायदा सौदा होता है तो कभी परिवार को धोखा देकर ऐसी कहानियों को अंजाम दिया जाता है. कई स्वयंसेवी संस्थाएं इस तरह शिकार हुई लड़कियों को इंसाफ दिलाने और उनके पुनर्वास संबंधी कामों में जुटी हुई हैं.