मुंबई  क्या आपको पता है कि भारत के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी की सैलरी पिछले 10 वर्षों से नहीं बढ़ी है। मुकेश अंबानी ने 2008-09 से अपना वेतन, अन्य लाभ, भत्ते और कमिशन 15 करोड़ रुपये नियत कर रखा है। उससे पहले उनका वेतन सालाना 24 करोड़ रुपये था। RIL की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है, 'कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी का कुल देय 15 करोड़ तय किया गया है।' 

आप सोच सकते हैं कि किसी कर्मचारी का वेतन अगर लगातार 10 वर्षों तक न बढ़े तो उसकी स्थिति क्या होगी। अंबानी की सैलरी न बढ़ने के बावजूद वह खुश हैं। जानते हैं ऐसा क्यों? दरअसल अंबानी की सैलरी उनकी आय का एक बहुत छोटा हिस्सा है। ब्लूमबर्ग क्विंट की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 10 साल में उनकी सैलरी 150 करोड़ थी। यह उनके लाभ के 1 प्रतिशत से भी कम था। कंपनी के सबसे बड़े शेयरधारक अंबानी ने इस दौराान 14,553 करोड़ का लाभांश कमाया, जिसकी घोषणा कंपनी द्वारा की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 2008 से रिलायंस को 31,616 करोड़ का लाभांश मिला है जिसमें से 14,553 करोड़ अंबानी परिवार का है। 


2009 में उन्होंने अपना सालाना वेतन 15 करोड़ रुपये तय किया था। उन्होंने 10 साल से इसमें वृद्धि नहीं की जबकि अन्य एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर्स की सैलरी बढ़ाई गई है। उन्होंने ऐसा करके एक उदाहरण पेश करने की कोशिश की है। मुकेश अंबानी की डिविडेंट इनकम उनकी सैलरी की 120 गुनी है। कंपनी की रिपोर्ट में कहा गया है कि मुकेश अंबानी और उनके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने में जो खर्च आएगा उसे अंबानी के वेतन, भत्ते का हिस्सा नहीं माना जाएगा। इस राशि को उनके वेतन पैकेज में शामिल नहीं किया जाएगा।