भोपाल|   शहर के जर्जर मकानों पर खतरा मंडराने लगा है। पहली ही बरसात में पुराने शहर के चौक बाजार स्थित लोरापुरा में मामा जलेबी के पास दो मंजिला पुराना मकान का एक हिस्सा अचानक ढह गया। जर्जर हिस्सा ढहने से करीब 5 वाहन दब गए। गनीमत रही कि घटना के समय कोई नीचे मौजूद नहीं था। नगर निगम का अमला देर रात तक मलवा साफ करता रहा। उल्लेानीय है कि शहर में करीब 600 से अधिक पुराने जर्जर ावन हैं, जो इस बरसात में काी ाी ढह सकते हैं। हालांकि कमिश्नर अविनाश लवानिया ने निगम अधिकारियों को जर्जर ावनों की सूची तैयार कर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। लेकिन अब तक निगम अधिकारियों ने नोटिस नहीं थमाएं हैं।


पुराने शहर के चौक बाजार स्थित लोरापुरा में मामा जलेबी के पास दो मंजिला मकान सद्दा मियां का है, जिसमें करीब 48 सालों से निकेश गोयल का परिवार रह रहा है। शनिवार की शाम हुई बरसात के दौरान पुराना मकान का एक हिस्सा अचानक ढह गया। जैसे ही मकान का हिस्सा ढहा, आस-पास अफरा-तरफी मच गई। रमजान होने के कारण यहां आम दिनों से अधिक ाीड़ थी। लोग यही समझे कि मलवे में कोई दब गया है। मौके पर पहुंचे नगर निगम के अमले ने तुरंत रैस्क्यू किया और मकान में रह रहे परिवार को नीचे उतारा। वहीं मलवे में दबे वाहनों को बाहर निकालने का काम देर रात तक चलता रहा।




छावनी में मकान ढहने से हो चुकी है 2 लोगों की मौत


बीते वर्ष छावनी इलाके में एक जर्जर मकान ढहने से एक ही परिवार के दो लोगों की मौत चुकी है। पुराने शहर में एेसे जर्जर करीब 400 मकान हैं। नगर निगम इन मकानों की हर साल सूची बनाता है। लेकिन मकानों को ढहने का काम कागजों में ही सिमट कर रह जाता है। इस बार कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए तो फिर किसी का जान जा सकती है।


यहां-यहां पेड़ गिरे


शनिवार को हुई बरसात से शहर के कई इलाकों में पुराने पेड़ धराशाही हो गए। ाटलापुरा रोड पर दो पेड़ गिर गए। जबकि श्यामला हिल्स स्थित सांसद कमलनाथ के बंगले में एक पेड़ गिर गया। इसी प्रकार चार इमली सहित शिवाजी नगर इलाके में आधा दर्जन पेड़ों की टहनियां गिर गईं।