भोपाल । ऑनलाइन वेबसाइट ओएलएक्स पर 65 हजार कीमत का मोबाइल 28 हजार रुपए में खरीदने के चक्कर में मोबाइल की दुकान चलाने वाला एक युवक धोखाधड़ी का शिकार हो गया। आरोपित ने खुद को सैनिक बताया और भरोसा जताने के लिए पहचान पत्र भी दिखाया था। झांसे में आकर पीड़ित ने 28 हजार रुपए का भुगतान पेटीएम से कर दिया लेकिन उसे मोबाइल नहीं मिला। बाद में रुपए वापस मांगने पर आरोपित ने कहा कि तुम्हारी रकम हमने हड़प ली है, जो करना है कर लो। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है, लेकिन अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।


जानकारी के अनुसार शिवा अपार्टमेंट लालघाटी निवासी तलविंदर सिंह मरवाहा ट्रांसपोर्टर हैं। उनका 19 वर्षीय बेटा मनप्रीत सिंह मरवाहा मोबाइल शॉप चलाता है। मनप्रीत के अनुसार गुरुवार को उसने ओएलएक्स पर एक मोबाइल फोन बेचे जाने का विज्ञापन देखा। विज्ञापन पर दिए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर जय किशन नाम के युवक ने बताया कि उसका 65 हजार रुपए का मोबाइल दो महीने ही चला है। इसे वह 28 हजार रुपए में बेचना चाहता है।


जय किशन ने बताया कि वह सेना में है और भोपाल एयरपोर्ट की कैंटीन में तैनात है। मनप्रीत के सवाल करने पर आरोपित ने अपना आई कार्ड, पैन कार्ड और आधार समेत अन्य दस्तावेज मनप्रीत को वॉट्सएप किए थे। उसने सेना की वर्दी वाला अपना फोटो भी भेजा। इसलिए मनप्रीत ने सौदा तय कर लिया। तब आरोपित ने पीड़ित को कहा था कि भारतीय सेना के कुरियर से मोबाइल उसने भेज दिया है। उसके कहे अनुसार मनप्रीत ने 10 हजार रुपए पेटीएम से भुगतान कर दिए।


इसके बाद कुरियर वाले ने फोन पर मनप्रीत से कहा कि आपने 28 हजार रुपए का मोबाइल लिया है। शेष 18 हजार रुपए पेमेंट करने के बाद ही वह मोबाइल फोन उन तक पहुंचा पाएगा। मनप्रीत ने इसका विरोध कर जयकिशन से बात की तो उसने भी वही करने के लिए कहा। इस पर मनप्रीत ने 18 हजार रुपए भी जय किशन के नंबर पर पेटीएम कर दिए, लेकिन उसे मोबाइल नहीं मिला।


'पुलिस ने शिकायती आवेदन गंभीरता से नहीं लिया' -


पीड़ित मनप्रीत का कहना है कि उसके शिकायती आवेदन को कोहेफिजा थाने ने गंभीरता से नहीं लिया। शिकायत पर फर्जी ठगी की कहानियां सुनाई गई। बहुत जोर देने पर मेरे आवेदन को ले लिया गया लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई है।