मुंबई । रिजर्व बैंक शहरी सहकारी बैंकों को लघु वित्त बैंकों में बदलने के लिए जल्द ही एक योजना लेकर आएगा। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एन एस विश्वनाथन ने कहा कि केन्द्रीय बैंक को इस बदलाव के लिए कुछ वर्गों से मांग पत्र मिले हैं। विश्वनाथन ने  कहा, शहरी सहकारी बैंकों को लघु वित्त बैंकों में परिर्वितत करने के लिए हम जल्द ही विस्तृत योजना लेकर आएंगे। रिजर्व बैंक ने कहा कि इस बारे में एक नीतिगत दस्तावेज को 30 सितंबर 2018 तक सार्वजनिक विचार विमर्श और टिप्पणियों के लिए जारी कर दिया जाएगा।    

गौरतलब है कि रिजर्व बैंक के तत्कालीन डिप्टी गवर्नर आर.गांधी की अध्यक्षता में शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) पर गठित उच्चस्तरीय समिति ने बहुराज्जीय यूसीबी को संयुक्त स्टॉक कंपनियों और अन्य यूसीबी को स्वैच्छिक तौर पर लघु वित्त बैंकों में परिर्वितत करने की सिफारिश की थी। इसमें कहा गया था कि ऐसे जो भी यूसीबी एक मानदंड को पूरा करते हैं उन्हें लघु वित्त बैंकों में परिर्वितत कर दिया जाना चाहिए।

रिजर्व बैंक की योजना ज्यादा से ज्यादा बैंकिंग कंपनियों को अखिल भारतीय स्तर पर भुगतान मंच पर लाने की है ताकि इस क्षेत्र में नवोन्मेष और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जा सके।