इंदौर । पाकिस्तान से भारत आई मूक-बधिर गीता का स्वयंवर गुरुवार को रचाया गया। गीता को अपनी जीवनसंगिनी बनाने के लिए देशभर से कई युवकों ने प्रयास किया था, इनमें से सिर्फ 14 को ही बुलाया गया। अब गीता को इनमें से एक को वह अपना जीवनसाथी चुनेगी। गीता ने पहले दिन गुरुवार छह से मुलाकात की। जबकि शुक्रवार को वह अन्य वह आठ लड़कों से मुलाकात करेगी। गीता के स्वयंवर में शामिल होने आए युवकों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सरकारी व निजी कंपनी में नौकरी करने वालों के साथ ही किसान और होटल में काम करने वाले युवक भी शामिल हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान से इंदौर लौटी गीता के माता-पिता की तलाश नहीं हो पा रही है। इस कारण वह  पिछले करीब ढाई वर्ष से शहर के स्कीम 71 स्थित मूक-बधिर संगठन में रह रही है। 


एक सामान्य वर, बाकि दिव्यांग

गीता के स्वयंवर में एक सामान्य युवक के साथ ही पैरों से दिव्यांग, पूरी तरह मूक-बधिर, आंशिक मूक-बधिर और सामान्य लड़के भी आए हैं।



ऐसे हो रहा दूल्हे का चयन

गीता से शादी के लिए देशभर से करीब 50 युवकों के बायोडाटा पहुंचे थे। प्रशासन ने इनमें से 30 का चयन किया था। इनके बायोडाटा व फोटो गीता को दिखाए गए। गीता ने 16 का चयन किया, जिनमें से 14 युवकों को मिलने का आमंत्रण भेजा गया है। इन्हीं 14 युवकों में से गीता अपने लिए जीवनसाथी चुनेगी। सभी युवकों को गीता से मुलाकात व बातचीत के लिए दस-दस मिनट का वक्त दिया जाएगा। स्वयंवर के समय गीता की पसंद अंतिम होगी।


कई दावे, लेकिन खोखले निकले

गीता को अपनी संतान बताने के लिए दो दर्जन से ज्यादा दंपतियों ने उसके माता-पिता होने का दावा किया, लेकिन कोई भी यह साबित नहीं कर पाया। इस बीच प्रशासन ने उसके लिए दूल्हा ढूंढने का प्रयास प्रारंभ किसा। विदेश मंत्रालय से हरी झंडी मिलने पर फेसबुक पर वर तलाशने की पोस्ट शेयर की गई।