बिलासपुर। मंगलवार को मस्तूरी थाने से आबकारी एक्ट का आरोपी दिनदहाड़े भाग निकला। इस दौरान पुलिसकर्मी मोबाइल में व्यस्त रहे और उन्हें भनक तक नहीं लगी। जब उसे जेल भेजने की तैयारी हुई, तब पुलिसकर्मियों को होश आया और उसकी खोजबीन शुरू हुई। पुलिस ने फरार आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया है। इस मामले में दो आरक्षकों की लापरवाही सामने आई है।


पुलिस के अनुसार घटना दोपहर करीब 12.30 बजे की है। पुलिस की टीम ने ग्राम रिस्दा के हिर्री रोड में दबिश देकर चैतराम बंजारे पिता मिश्रीलाल बंजारे के पास से छह लीटर महुआ शराब जब्त किया था।


उसे पकड़कर थाने लाया गया। उसके खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर थाने में मौजूद हवलदार कांतिलाल वानी उसे जेल भेजने के लिए दस्तावेज तैयार कर रहा था। इस बीच उसे दोपहर करीब 12 बजे मुलाहिजा के लिए भेजा गया था। थाने में मौजूद पुलिसकर्मी उसे मुलाहिजा के लिए अस्पताल ले गए।


फिर वापस थाने में लाकर बैठा दिया। इस दौरान थाने में हाजिरी ड्यूटी पर आरक्षक सुनील दिवाकर व आरक्षक सुभाष लुनिया मौजूद थे। दोनों आरक्षक थाने में मोबाइल देखने में व्यस्त हो गए।


इसी का फायदा उठाकर चैतराम मौका पाकर थाने से भाग निकला। दोपहर बाद एएसआइ दादूरैया सिंह थाने पहुंचे, तब पता चला कि चैतराम थाने से गायब है। लिहाजा, उसकी खोजबीन शुरू हुई। पुलिसकर्मी उसकी पतासाजी करते रहे। उसके घर में भी दबिश दी गई। लेकिन, कुछ पता नहीं चला। बाद में एएसआइ दादूरैया सिंह की रिपोर्ट पर फरार आरोपी के खिलाफ धारा 224 के तहत अपराध दर्ज किया गया।


हाजिरी ड्यूटी के आधार पर फूटा लापरवाही का ठिकरा


दोपहर में थाने में डे ऑफिसर के साथ ही हवलदार सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे। चैतराम के साथ दो अन्य आरोपी भी थे। इसी बीच थाने में आने-जाने वाले लोगों की भीड़ भी थी।


थाने में मौजूद किसी पुलिसकर्मी ने उसकी गतिविधियों पर नजर नहीं रखी। लेकिन, पुलिस अफसरों ने आरोपी के फरार होने के लिए हाजिरी ड्यूटी में तैनात दो आरक्षकों पर लापरवाही बरतने का दोष मढ़ दिया है। इस रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी भी चल रही है।