जबलपुर । रेलवे ने पर्यावरण को सहेजने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए हर रेलवे जोन, अपने रेल मंडल की सीमा में आने वाले स्टेशन, रेलवे कालोनी और अन्य क्षेत्रों में वाटर हार्वेस्टिंग से लेकर गंदगी हटाने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट और पौधारोपण जैसे कामों को करेगा। रेलवे स्टेशन को प्लास्टिक फ्री जोन बनाने के लिए रेलवे जागरूकता अभियान भी चलाएगा। इसमें जोन के तीनों मंडलों में 13 करोड़ 66 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।


यह जानकारी पश्चिम मध्य रेलवे जोन के जीएम गिरीश पिल्लई ने मंगलवार को पत्रकारों को दी। मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 1 पर हुई प्रेसवार्ता के दौरान जीएम ने पमरे जोन द्वारा पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए किए जा रहे काम और योजना की जानकारी दी। इससे पहले जीएम ने मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 1 पर पर्यावरण प्रदर्शनी का शुभारंभ किया, जिसमें कमर्शियल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर किए जा रहे कामों की जानकारी स्टॉलों पर दी।


पैसेंजर का फायदा -


जबलपुर से दिल्ली होते हुए देहरादून के बीच चलने वाली नंदा देवी एक्सप्रेस पर जीएम ने कहा कि इस संबंध में रेलवे बोर्ड को निर्णय लेना है। जबलपुर से इंदौर के बीच नई रेल लाइन का काम शुरू करने पमरे राज्य शासन से वित्तीय मदद लेगा, जिस पर बातचीत की जाएगी। जीएम ने बताया कि हमसफर ट्रेन को जल्द ही जबलपुर से संतरागाची के बीच शुरू किया जाएगा, ताकि पैसेंजर को इसका फायदा मिल सके। इसके अलावा जबलपुर से इलाहाबाद के बीच विद्युतीकरण, कटनी-सिंगरौली रेल लाइन की दोहरीकरण, कटनी-बीना के बीच तीसरे रेल लाइन बिछाने की तैयारियों की भी जानकारी दी।


आधे घंटे से कम हो रहीं ट्रेनें लेट -


लगातार लेट हो रही ट्रेनें के बार में जीएम ने कहा कि पमरे से गुजरने वाली ट्रेनों की पंक्चुएल्टी 72 फीसदी है। इनमें 30 मिनट से कम लेट होने वाली ट्रेनों की संख्या 85 फीसदी है। यानी सिर्फ 15 फीसदी ट्रेन ही 30 मिनट से अधिक लेट हो रही हैं। ट्रेनें लेट न हों, इसके लिए रेलवे के सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही गाडरवारा में एनटीपीसी का प्लांट शुरू होने वाला है, जिसमें तकरीबन 3 हजार मेगावॉट बिजली का उत्पादन होगा। इसके लिए जरूरी कोयले को पहुंचाने में जबलपुर मंडल की जिम्मेदारी बढ़ेगी।