ग्वालियर ।स्मार्ट सिटी में शामिल ग्वालियर में योजना के कार्यों की धीमी रफ्तार पर फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिकारी कागजी प्लान और प्रजेन्टेशन तो बेहतर बना रहे हैं लेकिन धरातल पर बड़े प्रोजेक्टों पर काम नहीं हो पा रहा है। अधिकारी व जनप्रतिनिधि स्मार्ट शहर बनाने के प्रति कितने संजीदा हैं, इस पर नजर करें तो योजना में शामिल होने के सवा साल बाद एडवाइजरी कमेटी का गठन किया है। कमेटी गठित हुए 5 माह भी बीत गए लेकिन एक भी बैठक नहीं हो सकी है।

योजना के तहत कमेटी का गठन इसलिए अनिवार्य किया था, जिससे सभी विभाग, जनप्रतिनिधियों के साथ ही सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि योजनाओं को जान सकें और अपने सुझाव दे सकें। लेकिन शहर में अब तक जितने भी काम शुरु हुए हैं उनकी प्लानिंग अधिकारियों ने ही की है।


यह है एडवाइजरी कमेटी -


ग्वालियर स्मार्ट सिटी डवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड(जीएससीडीसीएल) में चेयरमैन कलेक्टर अशोक वर्मा, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर निगमायुक्त विनोद शर्मा व सीईओ महीप तेजस्वी हैं। लेकिन जो एडवाइजरी कमेटी बनाई है उसमें इन अधिकारियों के अलावा उसके चेयरमैन स्थायी सांसद यानी केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर हैं। शहर से जुड़ी चारों विधानसभाओं के विधायक, महापौर, एसपी, साडा, जीडीए, व्यापार मेला के अध्यक्ष व सचिव,टेक्नीकल एक्सपर्ट के रूप में बिजली कंपनी, उद्योग, पीएचई, टाउन एंड कन्ट्री प्लानिंग, पीडब्ल्यूडी सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। इसके अलावा रहवासी संघ, व्यापारिक व सामाजिक संस्थानों, एनजीओ के प्रतिनिधि शामिल हैं।

योजना में कब शामिल हुआ शहर -


दूसरे फेज में 20 सितंबर 2016 को


चयनित क्षेत्र(एबीडी): 803 एकड़


योजना के तहत मिलने वाली राशि - 2305 करोड़


अब तक मिली राशि - 200 करोड़


72 में से अब तक इन कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण हुए


योजना के तहत शहर में 72 कार्यों(मॉड्यूल) पर राशि खर्च करना है। इसमें से छोटे-मोटे काम शुरू हुए है।


कटोराताल - 2.17 करोड़ से इसका जीर्णोद्धार कराया जाएगा। काम शुरू हो चुका है।


वन सिटी एप : वन सिटी वन एप के तहत 39 लाख की लागत से शहरवासियों की सुविधा के लिये एक ही मोबाइल एप्लीकेशन बनाया गया है।


शिवाजी पार्कः 1.32 करोड़ की लागत से गस्त का ताजिया स्थित शिवाजी पार्क का जीर्णोद्धार कराया जाना है लेकिन काम शुरू नहीं हो सका है।


वाटर हार्वेस्टिंगः पुराने निगम मुख्यालय, स्टेट बैंक बाड़ा, मोतीमहल संग्रहालय तथा एमएलबी कॉलेज भवन पर वाटर हार्वेस्टिंग का काम शुरू नहीं हो सका है।


स्मार्ट संकेतकः शहर के विभिन्ना स्थानों पर आधुनिक संकेतक लगाए जाएंगे। इस पर 13 करोड़ 40 लाख रुपए खर्च होंगे। यह काम भी शुरू नहीं हो सका है।


कन्ट्रोल कमांड सेंटरः यह मोतीमहल में बनाया जाएगा। इस पर 31 करोड़ 44 लाख रुपए खर्च होंगे। यह काम भी शुरू नहीं हो सका है।


स्मार्ट क्लासः इसके तहत चयनित सरकारी स्कूलों में 59 लाख रुपए खर्च कर स्मार्ट क्लास बनाए जाएंगे। कुछ स्कूलों में यह काम शुरू हो चुका है।


साइकिल ट्रैकः करीब 5 करोड़ खर्च कर साइकिल ट्रैक, साइकिल स्टैंड बनाए जाएंगे। किराए पर 500 साइकिलों का संचालन किया जाएगा। इसमें स्मार्ट वर्किंग कर नगर निगम के उन ट्रैकों पर ही डामरीकरण कर दिया जो पांच साल पहले एक करोड़ से ज्यादा खर्च कर बनाए थे।


टाउन हाल का सुधारः महाराज बाड़ा स्थित टाउन हॉल को 69 लाख से संवारा जाएगा। जबकि टाउन हॉल पर निगम प्रशासन 2 साल पहले 2 करोड़ खर्च कर चुका है।


पार्कः पहले से बेहतर नेहरू पार्क व छत्री बाजार स्थित लेडीज पार्क को चार करोड़ खर्च कर और बेहतर बनाने का काम चल रहा है।


बाड़े को देश का प्रमुख स्थल बनाने का है सपना -


-स्मार्ट सिटी योजना के तहत महाराज बाड़ा को नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा। गोरखी स्कूल तथा पुरानी कलेक्ट्रेट(गोरखी) परिसरों में दो फ्लोर अंडर ग्राउंड पार्किंग बनाई जाएगी।


-पार्किंग के ऊपरी भाग को गार्डन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां लगभग सभी प्रजातियों के आकर्षक पौधे रोपे जाएंगे। घास लगाई जाएगी। बिजली पैदा करने सोलर ट्री पैनल लगाए जाएंगे।


-महाराज बाड़ा के आसपास शासकीय प्रेस, निगम का पुराना मुख्यालय, पोस्ट ऑफिस, बैंक भवन, गोरखी स्कूल परिसर, पुरानी कलेक्ट्रेट, सेन्ट्रल लाइब्रेरी, टाउन हॉल एतिहासिक इमारतें हैं। हेरिटेज जोन बनाने के लिए उनका संरक्षण किया जाएगा। इन सभी भवनों पर फसाड लाइटिंग की जाएगी।


-सेन्ट्रल लाइब्रेरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से युक्त बनाया जाएगा।


-स्काउट एवं गाउड भवन परिसर में प्लेनेटोरियम, कल्चरल म्यूजियम जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।


-महारानी लक्ष्‌मीबाई स्कूल व गजराराजा स्कूल भवनों को संवारकर, उनकी 300 साल पुरानी पेंटिंग को सहेजकर थ्री स्टार होटल बनाया जाएगा।


पार्किंगः शहर में 24 स्थानों पर पार्किंग के लिए टेंडर जारी किए हैं।


सिटी बसः शहर में फुली एसी लो फ्लोर, सीएनजी 30 सिटी बस तथा शहर से दूसरे शहरों में भी 30 बस चलाने का प्रयास डेढ़ साल से चल रहा है लेकिन सफलता नहीं मिली।


इनका कहना है -


स्मार्ट सिटी की एडवाइजरी कमेटी की बैठक जल्द बुलाई जाएगी। कार्यों में भी तेजी आ रही है। कटोराताल, पार्कों के काम तेजी से चल रहे हैं।


महीप तेजस्वी, सीईओ स्मार्ट सिटी