रायपुर। रिटायर्ड बिजली अफसर को नेट बैंकिंग के जरिए पैसा निवेश करने पर दस गुना रकम देने का झांसा देकर इंदौर की एक कंपनी द्वारा 19 किश्तों में 12 लाख 19 हजार रुपये ठगने का मामला सामने आया है। शिकायत पर चार सौ बीसी का अपराध दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।


डीडीनगर थाना प्रभारी अशफाक अहमद अंसारी ने बताया कि ए/18 छुगानी प्राइड कालोनी चंगोराभाठा निवासी नंदकिशोर कागदे (62) 30 जून 2017 को बिजली विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पद से रिटायर्ड हुए। 12 अप्रैल को 10 बजे मोबाइल नंबर 07312445912 से उनके मोबाइल पर कॉल आया था।


कॉलकर्ता ने अपना नाम धीरेंद्र और मेसर्स रिप्पलेस एडवाइजरी इंदौर कंपनी से होना बताते हुए कहा था कि शेयर में पैसा निवेश करने पर दस गुना रकम लौटाई जाएगी। इस पर नंदकिशोर ने रजिस्ट्रेशन के लिए कंपनी की वेबसाइड डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट रिप्लेस एडवाइजरी डॉट कॉम पर उपलब्ध पेयू मनी के द्वारा नेट बैकिंग के जरिये 22 सौ रुपये 12 अप्रैल को जमा कर दिया।


उसी दिन फिर अभिषेक नामक व्यक्ति ने फोन कर 22 हजार पांच सौ रुपये एवं सिन्हा नामक व्यक्ति के कहने पर 51 हजार रुपये जमा कर दिया था। इसी तरह प्रशांत, रुखसाना के कहने पर दो लाख दस हजार जमा कर दिया।


बाद में साढ़े सात लाख रुपये का फायदा होने का झांसा देकर जीएसटी के नाम पर 2 लाख 16 हजार जमा नहीं करने पर बेनिफिट एनजीओ को चले जाने की जानकारी दी गई। इस तरह 27 अप्रैल 2018 तक कुल 19 किश्तो में 12 लाख 19 हजार रुपये अलग-अलग खाते में जमा कराकर धोखाधड़ी की गई।