बिलासपुर। प्रधानमंत्री आवास शहरी के 15 हितग्राहियों से पांच जून की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए बात कर सकते हैं। राज्य शासन ने हितग्राहियों के नाम तय कर दिए हैं। अब निगम और नगरीय निकाय के अधिकारी सभी की बकाया पूरी किश्त भुगतान करके उन्हें अच्छी बात करने तोते की तरह रटा रहे हैं। इसके अलावा उनके जिला मुख्यालय लाने, ले जाने की सारी व्यवस्था भी नगरीय निकाय के अधिकारी कर रहे हैं।


केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में लोगों को खुद की जमीन पर मकान बनाने के लिए पैसे दिए गए हैं। इन हितग्राहियों में से हर जिले के 15 लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच जून को सुबह आठ बजे वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए बात करेंगे।


जिले में कलेक्टोरेट के एनआइसी सेंटर में वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए हितग्राहियों से बात करने की व्यवस्था की गई है। अब नगरीय निकाय के अधिकारियों को यह डर सता रहा है कि अगर किसी हितग्राही से प्रधानमंत्री ने बात कर ली और उसने कोई शिकायत कर दी तो बात बिगड़ जाएगी।


इसे देखते हुए अधिकारी सभी 15 हितग्राहियों का ब्रेन वास करने में लग गए हैं। उन्हें अच्छी बात करने और नगर निकाय की तारीफ करने की बात इन दिनों सिखाई जा रही है। इतना ही नहीं इन हितग्राहियों की जितनी भी बकाया किश्त थी,उसे भी चुकता कर दिया गया है। सभी के आवभगत की भी तैयारी है।


कलेक्टोरेट तक इन हितग्राहियों को लाने ले जाने के लिए खुद अधिकारी ही गाड़ियों का इंतजाम कर रहे हैं। चूंकि प्रधानमंत्री देश के किसी भी हितग्राही से बात कर सकते हैं। इसे देखते हुए अधिकारियों को इस बात का इंतजार है कि हमारे शहर के हितग्राहियों का नाम आएगा या नहीं।


शासन ने तय किए हैं 15 नाम


राज्य शासन ने सभी हितग्राहियों से रेंडमली हर जिले से नाम तय किए हैं। इन नामों की सूची प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंप दी गई है। इन्हीं में से किसी से प्रधानमंत्री बात कर सकते हैं। ज्यादातर नाम महिलाओं के हैं।


इन हितग्राहियों का हुआ चयन


दिनेश कौशिक, ममता मिश्रा, मीरा ठाकुर, नेहा फ्रेंकलिन, पंच बाई मनहर, राजेश्वर कौशिक, सलोमी फ्रेंकलिन, स्वेता फ्रेंकलिन, सुनीता बंजारे, वर्षा वर्मा, अंजोरा, कामती बाई देवांगन, रामकली साहू, शारदा साहू, शिवकुमार यादव में से किसी एक से प्रधानमंत्री बात कर सकते हैं।


पीएम कार्यक्रम के लिए हितग्राहियों से संपर्क किया जा रहा है। उन्हें लाने ले जाने की व्यवस्था नगर निगम खुद करेगा। किसी भी हितग्राही को बहकाया या रटा नहीं रहे हैं। - सौमिल रंजन चौबे, आयुक्त, नगर निगम