छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में विश्व बैंक की सहायता से स्निप परियोजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को ऑनलाइन किया जा रहा है. इसी के तहत जिले की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में मोबाइल वितरण किए जा रहे हैं. इतना ही नहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल चलाने और विभागीय जानकारी मोबाइल के माध्यम से उच्च कार्यालय को भेजने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.


जिले की अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों में मोबाइल वितरण का कार्य पूरा हो चुका है. विभाग की उद्देश्य जिले की सभी 1347 आंगनबाड़ी केंद्रों को मोबाइल के जरिए ऑनलाइन करना है. विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि इस योजना से कार्यों में तेजी आएगी. साथ ही विभागीय जानकारी लोगों को आसानी से उपलब्ध हो सकेगी.


इसके अलावा मॉनिटरिंग भी बेहतर ढंग से होने की उम्मीद जताई गई है, लेकिन परियोजना के शुरू होने से पहले कुछ सवाल भी खड़े हो गएं हैं. इसमें सबसे बड़ा और अहम सवाल यह है कि जिले के अधिकांश हिस्से में नेटवर्क नहीं होने की समस्या है. ऐसे में मोबाइल कैसे काम करेगा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रतिदिन रिपोर्टिंग कैसे कर पाएंगी.


दूसरा अहम सवाल यह है कि ज्यादातर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मोबाईल चलाना और इंटरनेट का उपयोग करना नहीं जानती हैं. हालांकि प्रशिक्षण के दौरान कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने बच्चों को लेकर पहुंची ताकि उनके बच्चे सीखकर उन्हें बता सकें. वहीं अधिकारियों ने परियोजना से बेहतर रिजल्ट आने की जो उम्मीद लगाई है, उस पर मुश्किलों के बादल मंडरा रहे हैं.