छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में शासन ने एएनएम फर्जी भर्ती मामले में भले ही गरियाबंद सीएमएचओ को निलंबित कर दिया हो, लेकिन युवा कांग्रेस (युकां) अब तक की हुई कार्रवाई से खुश नहीं है. इतना ही नहीं युवा कांग्रेस ने इस कार्रवाई को अधूरा बताया है.

युकां के पदाधिकारियों के मुताबिक शासन ने सीएचएमओ को निलंबित कर केवल अधूरी कार्रवाई की है, जबकि सीएचएमओ डॉ. अरुण कुमार रात्रे द्वारा की गई 27 एएनएम की फर्जी भर्ती को निरस्त करना और अब तक उन पर हुए व्यय की वसूली करना अभी बाकी है.

लिहाजा, युवा कांग्रेसियों ने मामले में कार्रवाई पूरी करने की मांग करते हुए कहा कि अगर शासन जल्द ही बाकी की कार्रवाई को अंजाम नहीं देता है तो वे फिर से धरना प्रदर्शन और जल सत्याग्रह करने पर मजबूर हो जाएंगे.

मामले में बिन्द्रानवागढ विधानसभा के युकां अध्यक्ष अमित मिरी ने कहा कि वो शासन की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं. दरअसल, उनकी मांग थी कि जिन 27 एएनएम की फर्जी भर्ती की गई थी उन्हें तत्काल हटाया जाए. साथ ही उनको हटाने के बाद शासन द्वारा जो पैसा उन पर खर्च किया गया है, उसकी रिकवरी की जाए.

इधर, एएनएसयूआई के जिला अध्यक्ष केशव सिन्हा का कहना है कि सीएमएचओ के ऊपर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए.