कोलकाता । बंगाल में पफुटबॉल के प्रति दिवानगी का आलम सब जानते हैं। महानगर चटर्जी दंपती इसे सही साबित भी करता है। इस दंपती ने नौ विश्व कप स्टेडियम में बैठकर देखे हैं। साल 1982 से लेकर 2014 तक पन्नालाल चटर्जी और उनकी पत्नी चैताली ने स्टेडियम जाकर अपनी आंखों से विश्वकप के फुटबॉल मैच देखे हैं और इस सिलसिले को वे 10वीं बार भी जारी रखना चाहते हैं। 85 साल के हो चुके पन्नालाल अपनी 75 वर्षीया पत्नी के साथ जल्द ही रुस जाएंगे। पन्नालाल ने कहा-'वर्ष 2022 में कतर में होने वाले अगले फुटबॉल विश्वकप तक मैं 90 साल के करीब पहुंच जाऊंगा इसलिए वहां जाने की उम्मीद कम है लेकिन हम भाग्यशाली हैं कि 10वीं बार विश्वकप के मैचों के चश्मदीद गवाह बनेंगे।'

चटर्जी दंपती के लिए मिशन विश्वकप इतना आसान नहीं होता। वहां जाने का बजट जुटाने के लिए उन्हें सैकड़ों चीजों से समझौता करना पड़ता है। पसंद की काफी चीजें नहीं खा पाते क्योंकि पैसे बचाने होते हैं। सीमित खर्च में साधारण तरीके से जीवन यापन करते हैं। पन्नालाल इस साल पांच लाख रुपये के बजट के साथ जाएंगे। कस्टम क्लब के सात पूर्व फुटबॉलरों के साथ दोनों 14 जून को रुस के लिए रवाना होंगे। नॉकआउट राउंड के टिकट नहीं मिल पाने पर वे 28 जून को वापस लौट आएंगे। नॉकआउट मैचों के टिकटों के लिए उन्होंने रसियन कौंसुलेट और फीफा की आयोजन कमेटी को पत्र लिखा है। पन्नालाल ने बताया-'इस बार अब तक हम तीन मैचों के ही टिकट खरीद पाए हैं। हमने फीफा से टिकट देने का अनुरोध किया है। अभी तक वहां से कोई जवाब नहीं मिला है। हालांकि हमें उम्मीद है।'

गौरतलब है कि कोलकाता के युवाभारती क्रीड़ांगन में पिछले साल हुए अंडर-17 विश्वकप के ग्रैंड फिनाले में चटर्जी दंपती को फीफा की स्थानीय आयोजन कमेटी ने खास मेहमानों के तौर पर आमंत्रित किया था। चटर्जी दंपती ने महान फुटबालर डिएगो माराडोना के 'हैंड्स आफ गॉड' गोल को स्टेडियम के स्टैंड से देखा है। वे महान फुटबालर पेले के साथ तस्वीर भी खिंचवा चुके हैं।