जब भी कोई ब्रेकअप की बात करता है तो आपके मन में सबसे पहले जो बात आती है वह यह है कि उस शख्स का दिल टूटा है और उसे काफी तकलीफ हो रही होगी। हालांकि ब्रेकअप का रिश्ता सिर्फ इमोशन्स से नहीं होता शरीर से भी होता है। इसे आप इस तरह से समझ सकते हैं- अगर आपको किसी तरह का दर्द हो तो क्या आप सही तरीके से काम कर सकते हैं? नहीं... ठीक उसी तरह अगर आपका दिल दर्द से भरा हो तो जाहिर सी बात है कि वह ठीक तरीके से काम नहीं कर पाएगा। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि ब्रेकअप या डिवॉर्स के बाद शरीर पर कैसे असर पड़ता है...यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस की एक स्टडी के मुताबिक, ब्रेकअप के बाद मांसपेशियों में सूजन आ सकती है जिससे आपका सिरदर्द बढ़ सकता है और गर्दन में भी अकड़न हो सकती है। इतना ही नहीं आपके पैर इतने स्थिर हो जाते हैं कि न आप सीढ़ियां चढ़ पाते हैं और ना ही कुछ दूर चल पाते हैं। इस स्टडी के मुताबिक 23 प्रतिशत तलाकशुदा कपल्स को कुछ दिन तक चलने में परेशानी होती है। वहीं कुछ को मांसपेशियों में तकलीफ भी होती है।

जब आप ब्रेकअप, डिवॉर्स या किसी गंभीर बात से आहत होते हैं तो क्या आपने महसूस किया है कि ऐसा लगता है मानो आपको चक्कर आ रहा हो और आपके सीने तक हवा पूरी तरह से न पहुंच रही हो? इमोशनल पेन की वजह से सीने में फिजिकल पेन भी हो सकता है और ऐसा महसूस होगा मानो किसी ने आपको सीने में मुक्का मार दिया हो।


ब्रेकअप या किसी अपने को खोने की तकलीफ की तुलना एक्सपर्ट्स ब्रेन में होने वाली वेदना से करते हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो आपका मस्तिष्क प्यार में मिली अस्वीकृति को उसी तरह से लेता है जिस तरह से कोकेन की प्रबल इच्छा को।

जाहिर सी बात है ब्रेकअप होने पर जब दिल टूटता है तो इंसान कई रातों तक रोता रहता है, ऐसे में अगली सुबह आपकी आंखों में सूजन आना स्वाभाविक सी बात है। हम आपको बता दें कि आम दिनों में निकलने वाले आंसूओं की तुलना में इमोशनल आंसूओं में पानी और नमक की मात्रा कम होती है। इसका मतलब है कि अगर आप किसी तरह के इमोशनल पेन की वजह से रोते हैं तो आपकी आंखें ज्यादा सूज जाती हैं।चूंकि आपकी मांसपेशियों में दर्द हो रहा होता है, ऐसे में शरीर की कॉर्टिसोल सप्लायी डाइवर्ट हो जाती है और पाचन से जुड़े अंगों की तरफ जरूरत से ज्यादा कॉर्टिसोल की सप्लायी होने लगती है। इससे आपकी भूख खत्म हो जाती है, डायरिया और क्रैम्प्स जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की एक स्टडी में साबित भी हुआ है कि जब आप ब्रेकअप से गुजर रहे होते हैं तो आपका ब्रेन भूख को मिटाने वाले हॉर्मोन को ज्यादा उत्पन्न करता है।अगर आप स्ट्रेस में हैं तो आपका वजन बढ़ेगा। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब आप स्ट्रेस में होते हैं तो आपके शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति कम संवेनशील हो जाती हैं जिस वजह से आपका शरीर और ज्यादा इंसुलिन बनाने लगता है। नतीजतन शरी में शुगर फैट के रूप में जमा होने लगता है और वजन बढ़ने लगता है। इससे आपको चीनी और फैट ज्यादा खाने का मन करता है और इससे भी पेट और आसपास के हिस्से में चर्बी जमने लगती है।कार्डियॉल्जिस्ट्स की मानें तो अगर कोई व्यक्ति किसी तरह के इमोशनल ब्रेकअप से गुजर रहा हो तो उसे हार्ट से जुड़ी कोई प्रॉब्लम या हार्ट अटैक होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर का ऐड्रनलिन लेवल बढ़ा रहता है।