परियों की कहानियां तो बचपन से आपने दादी-नानी से सुनी होंगी। कहीं न कहीं उनसे मिलने की मन में इच्छा भी होती होगी। ये भी कहा जाता है परियां देवलोक से आती हैं और अपने मनपसंद व्यक्ति को उसका मनचाहा उपहार देकर जाती हैं। क्या आप जानते हैं परियां सकारात्‍मक ऊर्जा के रूप में आपके आस-पास ही रहती हैं। हाथ बढ़ा कर उनसे कुछ भी प्राप्त किया जा सकता है। अपने घर में परियों को निमंत्रण देने के लिए मुख्‍य द्वार पर विशेष ध्यान दें। घर में आने-जाने वालों के लिए जैसे मेन गेट मुख्य भूमिका निभाता है वैसे ही सकारात्‍मक और नकारात्‍मक ऊर्जा के प्रवेश और निकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। 

वास्तु विद्वान भी मुख्‍य द्वार को बहुत खास मानते हैं। यदि मेन एंट्रेंस में ही वास्तुदोष होगा तो घर से नकारात्मकता को निकालना असंभव हो जाता है। कुछ खास बातों का ध्यान रखें-

सूर्यास्त के बाद घर के मुख्य द्वार पर अंधेरा न होने दें, ट्यूबलाइट या छोटा बल्ब जरूर लगाएं। 



घर के बाहर लगी नेमप्लेट को हर रोज सुबह अच्छी तरह साफ करें। वास्तु की मानें तो नेमप्लेट जितनी सुंदर और साफ होगी नकारात्मकता घर से उतनी दूर होगी।  



घर में रखे जाने वाले व्हीकल्स को मेन डोर से थोड़ा हटा कर रखें। 



मुख्‍य द्वार पर किसी भी चीज़ की छाया नहीं होनी चाहिए जैसे दीवार, पेड़ अथवा बिजली का खंभा आदि। 



मुख्य दरवाज़ा हमेशा अंदर की ओर खुलना चाहिए।

मेन गेट के सामने सीढ़ियां नहीं होनी चाहिए।



मुख्‍य द्वार को झालरों या बंधवार से सजाना न र्सिफ अच्छा लुक देता है बल्कि नकारात्‍मकता को घर में प्रवेश नहीं करने देता।

मेन गेट को क्रिस्टल बॉल, रंगोली और विंड बेल्‍स से सजाएं।