सेक्स को लेकर आज भी कई लोगों के दिलोदिमाग में गलत धारणाएं हैं, भ्रांतियां हैं। इसकी वजह है पूरी जानकारी न होना। आज हम आपको सेक्स से जुड़े ऐसे ही मिथकों के बारे में बता रहे हैं:

कई सिलेब्रिटीज़ कहते हैं कि वे काफी फिट और स्लिम-ट्रिम इसलिए हैं क्योंकि वे बहुत ज्यादा सेक्स करते हैं। इसकी वजह से हम लोग भी ऐसा ही मानने लगे हैं। कहा जाता है कि एक बार सेक्स करने से एक गिलास दूध के बराबर कैलोरी बर्न होती हैं, जबकि एक रिसर्च के अनुसार, सेक्स के दौरान पुरुष 100 कैलोरी बर्न करते हैं, जबकि महिलाएं 69 कैलोरी और इसके लिए सोचो आपको पूरे दिन मेहनत करनी होगी यानी सेक्स करना होगा।

यह सही है कि लड़के लड़कियों से ज्यादा सेक्स के बारे में सोचते हैं, लेकिन अगर आप हर 7 सेकेंड में सेक्स के बारे में सोचते हैं तो इस हिसाब से पूरा टाइम कैलकुलेट करने पर 16 घंटे बैठता है। क्या आपको लगता है कि 16 घंटे कोई सेक्स के बारे में ही सोचेगा? उसके पास कोई और काम नहीं?

यह कोरा मिथक है। वह इसलिए क्योंकि यूज़ करने के बाद कॉन्डम कमज़ोर हो जाता है और उसके फटने के चांस होते हैं। बल्कि कॉन्डम को सेक्स के 30 मिनट बाद चेंज किया जाना चाहिए।

ऐसा बिल्कुल नहीं है। अगर है, तो आप यह बात जान लें कि लड़कों में स्पर्म निरंतर प्रड्यूस होते रहते हैं और अगर सेक्स न हो, तो वे स्पर्म फिर से शरीर में अब्ज़ॉर्ब हो जाते हैं।

कई सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शंस बहुत ही हेल्पफुल होते हैं और उनमें किसी भी तरह के लक्षण सामने नहीं आते। जबकि ऐसा नहीं है। बहुत से ऐसे इन्फेक्शन है, जिनके लक्षण नहीं दिखते, लेकिन वे खतरनाक होते हैं, जैसे कि क्लेमाइडिया। इसमें कोई लक्षण नज़र नहीं आता, लेकिन यह खतरनाक हो सकता है। इसलिए बेहतर है कि आप एक बार डॉक्टर से ज़रूर चेक कराएं। बता दें कि सेक्शुअल हेल्थ चेकअप फ्री होते हैं और उनकी जांच गुप्त रखी जाती है। किसी भी तरह का लक्षण दिखे या फिर कोई परेशानी, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

एक महिला महीने के किसी भी वक्त प्रेगनेंट हो सकती है क्योंकि स्पर्म आपकी बॉडी सिस्टम में कुछ दिनों तक जिंदा रह सकता है।

इसे लेकर कई स्टडी और रिसर्च की गईं और उनमें यह दावा गलत साबित हुआ। आपके जूते और आपके ऑर्गन के बीच कोई कनेक्शन नहीं है और न ही उनका आपस में साइज़ से कुछ लेना-देना है।