मध्य प्रदेश के गुना जिले में हैजा फैलने से करीब 200 से ज्यादा ग्रामीण उल्टी दस्त के शिकार हो गए. मामला मुख्यालय से 80 किमी की दूरी पर स्थित शाहपुरा गांव का है, जहां महिलाओं, बच्चों समेत लगभग 200 से ज्यादा ग्रामीण उल्टी दस्त के शिकार हो गए.


बताया जा रहा है कि कुंए का दूषित पानी पीने से पूरे गांव में हैजा फैल गया. कचरे के कारण कुंए का पानी दूषित हो गया था. कुंए की काफी समय से सफाई नहीं हुई थी, जिसके चलते गंदगी बढ़ने से पानी दूषित हो गया. वहीं गांव में पानी के एकमात्र स्त्रोत कुंए से ग्रामवासियों ने पानी पिया तो वे बीमार पड़ गए और उल्टी दस्त के शिकार हो गए.


बीमारी का इलाज कराने के लिए ग्रामवासियों ने झोलाछाप डॉक्टर का सहारा लिया, लेकिन ग्रामीणों को उस वक्त लेने के देने पड़ गए जब झोलाछाप डॉक्टर से इलाज के बाद बीमारी और भी बढ़ गई. मजबूरन रात में ही कई बीमार ग्रामीण राजगढ़ जिले के सुठालिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हुए.


6 से 7 घण्टे गुजरने के बाद जब मामले की सूचना स्वास्थ्य विभाग को मिली तो पूरी टीम ने तड़के ही शाहपुरा गांव में डेरा डाला और बीमार ग्रामवासियों को इलाज मुहैया कराया. उल्टी दस्त से परेशान ग्रामवासियों का इलाज मकसूदन गढ़ प्राथमिक स्वाथ्य केंद्र में जारी है, जिसमें 3 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है.