इस्लामाबाद। पाकिस्तान में इस साल होने जा रहे लोकसभा चुनाव में कम से कम 13 किन्नर चुनावी मैदान में होंगे। इनमें से दो नेशनल एसेंबली का चुनाव लड़ेंगे जबकि बाकी प्रांतीय एसेंबली का चुनाव लड़ेंगे। पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने गुरूवार को बताया कि इस बात की घोषणा  ऑल पाकिस्तान ट्रांसजेंडर इलैक्शन नेटवर्क (एपीटीईएन) और इलेक्शन कमिशन ऑफ पाकिस्तान की ओर से आयोजित राष्ट्रीय सभा में दौरान के गई।  ट्रांसजेंडर की भागीदारी के महत्व पर कल राष्ट्रीय बैठक में चर्चा की गई जहां सामाजिक उन्नति के लिए उनके सशक्तिकरण और सामाजिक राजनीतिक समावेशन पर प्रकाश डाला गया। पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) के सहयोग से अखिल पाकिस्तान ट्रांसजेंडर चुनाव नेटवर्क (एपीटीईएन) ने बैठक का आयोजन किया था। 

संभावित उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए एपीटीईएन ने बताया कि इनमें फरज़ाना रियाज़ (एनए-33), आरजु खान (पीके-33), लुब्ना (पीपी-26), कोमल (पीपी-38), मैडम भुट्टो (पीपी-189), नयाब (एन-142), नदीप कसिह (नेशनल असेंबली का उम्मीदवार), अशी (पंजाब से उम्मीदवार) और अन्य।

अगस्त में प्रकाशित जनगणना में पहली बार ट्रांसजेंडर शामिल किए गए थे। सर्वेक्षण में पाकिस्तान में लगभग 20.8 करोड़ आबादी में से केवल 10,418 ट्रांसजेंडर लोगों की पहचान की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार बैठक में सभी संभावित उम्मीदवारों और उनके निर्दिष्ट निर्वाचन क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। 

13 ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों में से दो नेशनल एसेंबली के लिए लड़ेंगे और बाकी प्रांतीय एसेंबली सीटों के लिए चुनाव लड़ेंगे। 

पाकिस्तानी चुनाव आयोग ने सोमवार को 25-27 जुलाई को देश में आम चुनाव कराने के लिए संभावित तिथियों का प्रस्ताव किया था। रिपोर्ट के अनुसार हालांकि इस वर्ष एपीटीईएन का गठन किया गया है जो उन्हें (ट्रांसजेंडर) को एक ऐसा मंच उपलब्ध करायेगा जहां वे व्यवस्थित तरीके से चुनाव लड़ सकेंगे।