जबलपुर। जबलपुर में ई-रिक्शा दौड़ाने वाले चालकों को अब चार्जिंग के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। स्मार्ट सिटी से इसके लिए 5 चार्जिंग पाइंट बनकर तैयार हो गए हैं, जहां 30 रुपए शुल्क देकर ई-रिक्शा को चार्ज किया जा सकता है। अगले दो माह के भीतर 4 और चार्जिंग पाइंट बनकर तैयार हो जाएंगे।


प्रदूषित हो रहे पर्यावरण को बचाने के लिए ई-रिक्शा को बढ़ावा दिया जा रहा है। शहर में भी करीब 500 ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं, लेकिन अभी तक इन्हें चार्ज करने में परेशानी होती है। चालक ई-रिक्शा अपने घर से चार्ज करके तो लाते थे, लेकिन शाम तक उनकी बैटरी डाउन हो जाती थी। इस वजह से इन्हें ज्यादा नहीं दौड़ाया जा रहा था।


लेकिन अब स्मार्ट सिटी से शहर के हर कोने में चार्जिंग पाइंट बन रहे हैं ताकि जहां पर भी रिक्शा की बैटरी कम हो उन्हें चार्ज किया जा सके। ई-रिक्शा को फुल चार्ज करने में 6 से 8 घंटे का समय लगता है। इसके लिए चालक को मात्र 30 रुपए शुल्क देना पड़ेगा। इससे बिजली तो बचेगी ही साथ ही ऑटो के कारण फैल रहा प्रदूषण भी कम होने की संभावना है।


20 किवा के प्लांट लगे -


ई-रिक्शा चार्ज करने के लिए स्मार्ट सिटी से जो 5 चार्जिंग पाइंट बने हैं उनमें 20 किलोवॉट की प्लेट लगी हैं। सौर ऊर्जा विकास निगम के सहयोग से करीब 20 लाख की लागत से एक चार्जिंग पाइंट बनकर तैयार हुआ है। अभी और चार्जिंग पाइंट जो बनने हैं उन्हें भी सौर ऊर्जा विकास निगम ही विकसित करेगा।


यहां बन चुके हैं -


- आईएसबीटी दीनदयाल चौक


- मेडिकल रैनबसेरा


- दमोहनाका रैन बसेरा


- गोकलपुर सामुदायिक भवन


- रांझी-व्हीकल सामुदायिक भवन


यहां बनने हैं -


- तीन पत्ती बस स्टैंड


- गोकुलदास धर्मशाला


- ग्वारीघाट रैनबसेरा


- अधारताल नगर निगम मार्केट